दोस्तो, आज मै आपको बताऊंगा विटामिन D3 के बार मे, मैंने देखा है सभी लोगो के पास विटामिन D3 की डेफिशियेंसी है और इससे क्या तकलीफ आती है, मसल्स मे वीकनेस आती है, क्रैम्प्स आती है, अगर यह सब आपको हो रहा है तो आपको विटामिन D की कमी आ सकती है। चलिए पहले सोचते है विटामिन D काम मे क्या आता है हमारा जो विटामिन D है वो दो तरीके का होता है पहला विटामिन D2 और दूसरा विटामिन D3, विटामिन D3 ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होता है इसको हमलोग Cholecalciferol [कॉलेकैल्सिफेरॉल] बोलते है, इसका काम होता है हमारे खाने मे जो फोसफोरस और कैल्शियम होता है उसको absorb करने मे मदद करना, जब कैल्शियम फॉस्फोरस और विटामिन D3 होता है तो बोन बनने मे बहुत आसानी होता है, बोन मे कैल्शियम डिपाजिट होती है, आपको मालूम है हमारे बोन मे एक स्ट्रक्चर बनी है जिसको बोलते है बोन मैट्रिक्स और जब उसमे कैल्शियम फिलअप हो जाता है तो बोन स्ट्रांग बन जाती है और अगर उस मैट्रिक्स से कैल्शियम निकल जाये तो बोन टूट सकता है, तो इससे हमें पता चलता है की विटामिन D3 और कैल्शियम ये दो मेन चीज़े है जो बोन मे डिपाजिट होती है और उसे स्ट्रांग बनाती है, इसलिए विटामिन D3 आपके पास होना बहुत जरूरी है नहीं तो आपकी हड्डिया कमजोर हो जायेगी और उसकी वजह से आपको फ्रैक्चर,क्रैम्प्स, वीकनेस आएँगी |
तो चलिए अब जानते है विटमिन D3 अब कम क्यों हो रहा है, तो सबसे पहला कारण है की हम कभी सूरज के पास नही जाते और सूरज से दूर रहते है और हमें विटामिन D तभी मिलेगा जब सूरज की रौशनी मिलेगी इसलिए हम विटामिन D को बाहर से देने का रेकमेंड करते है, हमारे साओल मे इसकी दवाई मिलती है जिसका नाम है OSTEORENUE उसको आप ले सकते है लेकिन कोई भी दवा लेने से पहले उसका DOSE कैसे लेना है यह समझते है जो हमारी विटामिन D3 हे वो हमें 400 – 600 INTERNATIONAL यूनिट्स तक की जरूरत है और जो कैल्शियम की टेबलेट आती है लगभग 60000 INTERNATIONAL यूनिट्स की होती है तो इसे आपको वीकली इस्तेमाल करना है, विटामिन D3 कितनी लेवल की होनी चाहिए अगर आप 30 NMOL/L से निचे चल रहे है तो आपके अंदर D3 की कमी चल रही है तो सूरज के सामने हर दिन आप आधा घंटा बैठिए जिससे आपका D3 बनता रहे कुछ ऐसी बीमारिया भी है जिससे विटामिन D कम हो जाती है जैसे HYPOPARATHYROIDISM, FAMILIAL HYPOPHOSPHATEMIA, HYPOTHYROIDISM इन बीमारियों मे हमारी कैल्शियम कम हो जाती है और इनमे D3 भी कम होती है और D3 नही लेंगे तो हमारी हड्डिया कमजोर होती है जिसे हम ओस्टोपोरोस कहते है जिसमे फ्रैक्चर होता है, अगर हमे D3 का DOSE लेना हो तो हमें लोडिंग Dose लेना चाहिए अगर आप 4 टेबलेट लेंगे तो विटामिन 260K आपके अंदर जायेगी फिर उसके बाद आपको टेबलेट ट्वाइस one वीक लेना है जिससे वो आपके अनदर की विटामिन की कमी को पूरा करेगा। 6 महीने के बाद आप अपना विटामिन चेक कर सकते है। अगर कोई मुझसे पूछता है सर विटामिन D मुझे लेना है मैं कहा से लू तो आपको विटामिन D दूध से मिल जायेगा, प्लांट बेस्ड फ़ूड, सोया, टोफू मे होती है दही मे होती है क्योकि वो दूध से बनती है आपको ऑरेंज जूस मे भी मिल जायेगा और मशरुम मे भी तो आप तीन प्रकार से विटामिन D ले सकते है नैचुरली, सन रेज़, या तो बहार से सप्लीमेंट लेकर ,विटामिन D3 लेंगे तो आपकी बोन ग्रोथ होगी बोन की रिमॉडलिंग होगी आपकी मसल्स कंस्ट्रक्शन ठीक होगी और ब्लड ग्लूकोस भी एनर्जी ैमे कन्वर्ट हो जायेगा विटामिन D3 की कमी हो तो बच्चो मे ग्रोथ कम हो जाती है दोस्तों मेरा नाम डॉ बिमल छाजेड़ है आप जानते है हम साओल हार्ट सेंटर चलाते है हमलोग इंडिया भर मे करीब 110 सेंटर आज के टाइम पे चलाते है और यह जितने भी सेंटर है उसमे हम पेशेंट को एजुकेशन के साथ साथ कुछ ऐसा ट्रीटमेंट करवाते है जिसको बोलते है नेचुरल ब्यापास डेटॉक्स थेरेपी जिससे हार्ट की बीमारी को हमलोग रिवर्स करते है। तो अगर आपका कोई जानने वाला हो जिसे हार्ट की दिक्कत हो तो उन्हें हमारी यूट्यूब वीडियोस फेसबुक पोस्ट देखने को रेकमेंड करे उससे उनको बहुत सारा लाभ मिलेगा क्या पता उन्हें बाय पास सर्जरी की जरूरत ही न पड़े। Thank you
Bangla Translation will be posted soon.
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