सर्दी में अस्तमा से तुरंत रहत के लिए असरदार है ये घरेलु तरीके।

दोस्तो अस्थमा ब्रोंकाइटिस जिसको हम लोग मेडिकल साइंस में COPD बोलते हैं (CHRONIC OBSTRUCTIVE PULMONARY DISEASE ) ये जो बीमार है बहुत कॉमन है या सर्दी के दिनों में ये भड़क जाती है, ठंड के समय हमें झुकना पड़ता है या अस्थमा की स्थिति बढ़ती रहती है तो आज मैं आपको बताने वाला हूं कि अस्थमा में आप क्या कर सकते हैं।
अस्थमा में क्या होता है जो फेफड़ों के वायुमार्ग के ट्यूब होते हैं वो सिकुड़ जाते हैं सूजन हो जाती है या संकीर्ण हो जाती है उसके साथ सांस लेने में दिक्कत होती है या अस्थमा वाले के लिए हर वक्त का दर्द होता है थोड़ा सा चलो सांस फुल जाता है थोड़ा सा खान दो सांस फुल जाती है या ये जीवन भर की समस्या है पर कभी-कभी ये बहुत गंभीर भी बन जाती है अस्थमा का इलाज नहीं कर सकते पीआर इसके लक्षण काफी ठीक हो सकते हैं या मैं आपको बताने वाला हूं अस्थमा के लक्षण लक्षण अगर अस्थमा खराब हो रहा है तो आपको क्या दिक्कत आएगी, सोचेंगे।
एक तो आपके सांस लेने में दिक्कत होगी सीने में जकड़न होगी या आवाज आएगी जिसको वे बोलते हैं अगर आवाज आती है तो इसका मतलब अस्थमा बहुत ज्यादा चुका है रात को सोते वक्त भी सांस फुलेगी या खासी जरूर आएगी आपके सोते वक्त फ्लैट होने में ज्यादा तकलीफ होगी , अस्थमा के लिए प्राकृतिक तरीके से मैं क्या कर सकता हूं आइए वो जानते हैं।
पहला कर्पूरादी तेल होता है जो अस्थमा के लिए बहुत बुरा करता है याद रखिएगा अस्थमा जब सांसों की बीमारी बढ़ जाती है तो इसका मतलब होता है कि या तो वायरल संक्रमण या फिर जीवाणु संक्रमण अलग से होगया है अब सोचते हैं हमलोग इसका इलाज घर में अलग से क्या क्या कर सकता है, एक तो कपूर का तेल बंटा है उसमें अजवाइन जिसे अजवाइन अजमोदा बोलता है उसके साथ मिला के पकाया जाता है या ये कर्पूरादि तेल मन जाता है ये तेल हमलोग सीने में लेप के हिसाब से लगता है उसे बहुत ज्यादा फायदा होता है प्राणायाम आप जरूर करें ये अस्थमा में काफी फैदा करता है या हमलोग इसमे ज्यादा तर अनुलोम-विलोमप्राणायाम का ही हमलोग बात करते हैं या ये हमारे तनाव को भी कम करता है, मुलेठी यष्टिमधु इसको आप हर वक्त ले सकते हैं या ये मुंह में रखेंगे तो इसे खासी या बलगम काफी किमी हो जाता है या इसकी चाय भी बना के आप हर वक्त ले सकते हैं, आप सेब या संतरे को भी ले सकते हैं बस उसमें एक चीज ध्यान रखें कि वो ठंडा ना रहे इससे सूजन किमी होती है फेफड़ों में सूजन किमी होती है सेब में बहुत सारे विटामिन सी होते हैं दोनों आपके लिए बहुत सारी विटामिन सी होती है तो ये हर दिन लेना है ये सोचके चलो, एक या चीज़ आप ले सकते हैं वो है पालक ये भी आपके लिए बहुत सारे विटामिन डी करता है क्योंकि इसमें विटामिन डी होता है फोलेट होता है या ये अस्थमा में काफी सुधार लाता है ये जो फोलेट है इसके बाद भी आपको लगता है कि आप इसके साथ कुछ ले सकते हैं विटामिन डी के लिए इसके साथ ऐड कर लें, विटामिन डी के बहुत सारे स्रोत नहीं हैं पीआर धूप सकेगें तो आपको विटामिन डी मिलेगा, अब है अनार ये जो है ये एंटीऑक्सीडेंट है ये सूजन फेफड़ों की किमी करती है आप अनार को किसी भी सब्जियों के साथ मिला के ले सकते हैं इससे सूजन किमी होती है, तो दोस्तों ये चार पांच चीज आप जरूर इस्तेमल क्रे, अगर अस्थमा बिगड जाए या खासी में खांसी होने पर पीला निकल जाए तो स्मज हो जाएगा इन्फेक्शन भड गया है फिर जरूर होतो एंटीबायोटिक जरूर लजिएगा क्योंकि जेबी इन्फेक्शन होगया तो इसको ज्यादा दिन तक इलाज सही नहीं होगा दवा लेके सही करना पड़ेगा, मैं एक एलोपेथी का डॉक्टर हु पीआर मेई ये छाता हु कि कोई बिमारी नेचुरल वे एम थिक हो फेल लेकिन जहां जरूर है दवाई की वहां लेना पड़ता है, दिल में भी हमलोग यही बोलते हैं खाना पीना रहना सेहन ठीक होगा तो आपका दिल भी अच्छा रहेगा।
दोस्तो मेरा नाम डॉ. बिमल छाजेर है आपको मालूम है दिल का इलाज करते हैं हमलोग शुद्ध भारत में हमारे 120 सेंटर हैं दिल के जहां हम दिल के मरीज को बिना बाईपास बिना एनजीओ प्लास्टिक के ठीक करते हैं, आप जरूर हमारे वीडियो देखें या लोगो को शेयर करें, धन्यवाद ।

23/01/2024 এসএমই দ্বারা

শীতকালে হাঁপানি থেকে তাত্ক্ষণিক উপশমের জন্য এই ঘরোয়া প্রতিকারগুলি কার্যকর।

বন্ধুরা, হাঁপানি ব্রঙ্কাইটিস যাকে চিকিৎসা বিজ্ঞানে আমরা COPD বলি (CHRONIC OBSTRUCTIVE PULMONARY DISEASE), এই রোগটি খুবই সাধারণ বা শীতকালে এটি জ্বলে ওঠে, ঠান্ডার সময় আমাদের বাঁকা হতে হয় বা হাঁপানির অবস্থা বাড়তেই থাকে। হাঁপানিতে আপনি কি করতে পারেন বলুন।

হাঁপানিতে যা হয় তা হল ফুসফুসের শ্বাসনালীগুলির টিউবগুলি সরু হয়ে যায়, সেগুলি ফুলে যায় বা সরু হয়ে যায়, এর সাথে শ্বাস নিতে অসুবিধা হয় বা হাঁপানির জন্য সারাক্ষণ ব্যথা থাকে। একটু হাঁটুন, পুরোপুরি শ্বাস নিন। অল্প কিছু খাবার নিলেই শ্বাসকষ্ট হয় বা এটা সারাজীবনের সমস্যা কিন্তু কখনো কখনো এটা খুব গুরুতরও হয়ে যায়।আমরা হাঁপানি নিরাময় করতে পারি না।এর লক্ষণগুলো বেশ নিরাময় করা যায় বা আমি আপনাকে হাঁপানির উপসর্গ সম্পর্কে বলতে যাচ্ছি। উপসর্গ যদি হাঁপানি আরও খারাপ হতে থাকে, তাহলে আপনি ভাববেন কী কী সমস্যার সম্মুখীন হবেন।

প্রথমত, আপনার শ্বাস নিতে অসুবিধা হবে, বুকে আঁটসাঁট ভাব থাকবে বা তারা এটিকে ডাকার মতো শব্দ করবে। যদি শব্দটি শোনা যায় তবে তার মানে হাঁপানি বেড়েছে। আপনি শ্বাসকষ্ট বা কাশিও অনুভব করবেন। রাতে ঘুমানোর সময়।ঘুমানোর সময় ফ্ল্যাট শুয়ে বেশি অসুবিধা হবে।আসুন জেনে নেই অ্যাজমার জন্য প্রাকৃতিকভাবে কি করতে পারি।

প্রথমটি হল কারপুরাদি তেল যা হাঁপানির জন্য খুবই খারাপ। মনে রাখবেন যে হাঁপানি বেড়ে গেলে তার মানে ভাইরাল ইনফেকশন বা ব্যাকটেরিয়াল ইনফেকশন আলাদাভাবে হয়েছে। এখন আমরা ভাবছি যে আমরা বাড়িতে আলাদাভাবে এর চিকিৎসা করতে পারি। এটা কি করতে পারে। ?প্রথমে কর্পূর তেল ভাগ করা হয়,সেলেরি মিশিয়ে রান্না করা হয়,যাকে বলা হয় আজওয়াইন আজমোদা বা কর্পূর তেল।আমরা এই তেল বুকে লাগালে খুব উপকার হয়।আপনি অবশ্যই প্রাণায়াম করবেন। , এটি হাঁপানিতে অনেক উপশম দেয় বা আমরা বেশিরভাগই অনুলোম-বিলোম প্রাণায়াম সম্পর্কে কথা বলি বা এটি আমাদের মানসিক চাপও কমিয়ে দেয়, মুলেথি যষ্টিমধু, আপনি এটি সব সময় নিতে পারেন বা মুখে মুখে নিতে পারেন। যদি আপনি এটি রাখেন তবে এটি একটি কারণ প্রচুর কাশি বা কফ বা আপনি এটি থেকে চা বানিয়ে সারাক্ষণ খেতে পারেন, আপেল বা কমলাও খেতে পারেন, শুধু একটা কথা মনে রাখবেন ঠান্ডা যেন না হয়, এতে ফুসফুসে ফুলে যায়। আপেলে প্রচুর পরিমাণে ফোলা। আপেলে প্রচুর ভিটামিন সি রয়েছে। উভয়েই আপনার জন্য প্রচুর ভিটামিন সি রয়েছে, তাই আপনাকে প্রতিদিন এটি খেতে হবে। আসুন, একটি জিনিস আপনি নিতে পারেন তা হল পালং শাক। এছাড়াও আপনার জন্য প্রচুর ভিটামিন ডি রয়েছে। এটি কি ভিটামিন ডি রয়েছে, এতে ফোলেট রয়েছে বা এটি হাঁপানিতে অনেক উন্নতি করে? এটিতে ফোলেট থাকা সত্ত্বেও, আপনি এখনও মনে করেন যে আপনি এটির সাথে কিছু নিতে পারেন, যোগ করুন। এটি ভিটামিন ডি, ভিটামিন ডি এর জন্য এর সাথে। অনেক উৎস নেই পিআর যদি আপনি সূর্যালোক পান তবে আপনি ভিটামিন ডি পাবেন, এখন ডালিম এটি কি, এটি একটি অ্যান্টিঅক্সিডেন্ট, এটি ফুসফুসের প্রদাহ কমায়, আপনি খেতে পারেন যে কোনো সবজির সঙ্গে ডালিম মিশিয়ে খেলে প্রদাহ হয়, তাই বন্ধুরা এই চার-পাঁচটি জিনিস অবশ্যই ব্যবহার করুন। হাঁপানি খারাপ হলে বা কাশির কারণে হলুদ স্রাব বের হলে তা ধোঁয়াটে হয়ে যাবে। সংক্রমণ ছড়িয়ে পড়লে, তাহলে অবশ্যই অ্যান্টিবায়োটিক খাবেন কারণ পকেটের ইনফেকশন থাকলে অনেক দিন ঠিকমতো চিকিৎসা হবে না।আপনাকে ওষুধ খেয়ে ঠিক করতে হবে, আমি একজন অ্যালোপ্যাথি ডাক্তার এবং আমি বিশ্বাস করি যে কোনো রোগ স্বাভাবিকভাবেই ব্যর্থ হলে, কিন্তু যেখানে দরকার সেখানে ওষুধ খেতে হয়, এমনকি আমাদের অন্তরেও আমরা একই কথা বলি, খাও, পান করো এবং সুস্থ জীবনযাপন করো, তাতে তোমার মনও ভালো থাকবে।

বন্ধুরা, আমার নাম ডাঃ বিমল ছাজের, আপনি কি জানেন যে আমরা হার্টের চিকিৎসা করি, বিশুদ্ধ ভারতে আমাদের 120টি হার্ট সেন্টার আছে, যেখানে আমরা বাইপাস ছাড়াই হার্টের রোগীদের নিরাময় করি, এনজিও প্লাস্টিক ছাড়াই, আপনি অবশ্যই আমাদের ভিডিওটি দেখুন বা লোগোটি পড়ুন। শেয়ার করুন, অনেক ধন্যবাদ।


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