दोस्तों, थकान, कमजोरी, जिसको कभी कभी हम वीकनेस बोलते है, इसमें क्या करना चाहिए? देखिये ये तीनों चीज़ बहुत सारे आदमी हर वक्त कंप्लेन करते हैं। सब थकान लगता है, कमजोर नहीं लगता है, फिटिंग होता है तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब आपकी बॉडी में कहीं ना कहीं कमी चल रही है तो रोज़ बताता हूँ। ये थकान को अवॉइड करने के लिए पहला रूल है। आपकी कारण ढूंढिए किस वजह से फिटिंग हो रहा है। अगर आपको डाइअबीटीज़ है हार्ट बीमारियां आर्थराइटिस नेमि आ थाइरोइड। ये सबसे फिटिंग बहुत ज्यादा होता है तो पहले इसको चेक करिए। अच्छा कुछ दवाइयां जो एनटीएस ट्रैंनिंग डाइयूरेटिक इनसे भी डाइयूरेटिक मतलब जो पेशाब ज्यादा करता है जो एलर्जी के लिए दी जाती है, यह भी फटीग करता है तो अगर आपका अंडरलाइन कॉस्ट समझ जाते हैं फटीग का कमजोरी का थकान का तो उसको हटाने का कोशिश कीजिए। नंबर दो आप चलने का आदत डालिए, कुछ एक्सरसाइज करिए हमारे बॉडी को हर वक्त एक्सर्साइज़ करेंगे तो समझ लीजिये हमारे बॉडी को थोड़ा सा एनर्जी ज्यादा मिल जाता है तो एक्सरसाइज ऐसा नहीं कि एक ही दिन में सारा दौड़ना चालू कीजिये। हर दिन कोशिश करिए। रेग्युलर एक्सरसाइज कीजिए हार्ट को लंग्स को मसल्स को सबको स्ट्रेंथ मिलती है। तीसरा चीज़ जो जिनको थकान की प्रॉब्लम उनको बोलते, जल्दी सोने का आदत डालिए जब आप दिन में सारा दिन काम करना चाहते हैं तो रात को थक भी जाएंगे और रात को अच्छे से नींद लीजिये। अगर फुल लाइट स्लिप हो जाए तो आपकी थकान काफी हद तक कम हो जाएगी। तो ये बहुत जरूरी है। स्टैनफोर्ड में 2004 में एक ऐसी स्टडी हुई थी जिसमें दिखाया गया कि अगर नींद अच्छे से लिया जाए तो उनके बॉडी में बहुत सारे पावर होते हैं, एनर्जी आ जाता है और फटीग नहीं होती है। चौथा है अगर आपके पास एक्स्ट्रा वेट हैं, उसको कम करिए उसके लिए क्या करना पड़ेगा? आपको वजन कम करना पड़ेगा। सलाद सब्जी, फ्रूट्स में ज्यादा खाइए और अनाज को थोड़ा कट करिए और फैट को तो पूरा कट कर दिए और इससे आपको वजन कम होते ही आपको एनर्जी मिलने लगेगा। एक और चीज़ है की फूड को एक या दो बार में नहीं खाये। तीन बार में नहीं खाई। पांच छह बार में खाएं। ये जो भी खाना थोड़ा थोड़ा खाते रहेंगे तो आपको बॉडी ब्लड शुगर लेवल मेनटेन होगा। ज्यादातर देखा गया जो बहुत कमजोर होते है उनकी शुगर कम हो जाती है तो थोड़ा थोड़ा खाना मिलता गया। शुगर मिलता गया तो वो ठीक रहते हैं, लैस है। पानी बहुत ज्यादा पी जितना पी सकता है मतलब कितना पानी पिया तू? हर के लिए थोड़ा थोड़ा फरक होता है। दो ढ़ाई लीटर होता है गिन गिन के पियो मैं बोला नहीं जितना पानी पीने से पेशाब व्हाइट रहे पिलाना रहे तो आप समझ लीजिये आप पानी ठीक ठाक ले रहे हैं तो यह याद रखें कि जब भी आपका डिहाइड्रेशन होता है तो आपके अलर्ट्नेस कम होती है, कॉन्सन्ट्रेशन कम होती है, कमजोरी आ जाती है तो इसको होने नहीं दे लास्ट एक कैफीन को कट करिए चाय चाय हो, कॉफी हो, रात को तो एकदम नहीं लीजिये, दिन में भी कोशिश कीजिए एक दो से ज्यादा नाले तो ये कैफीन जो होती है हमारे एक बार तो एनर्जी देती है पर अलटिमेटली ये वीकनेस ही करवाती है तो इसलिए कैफीन अवॉइड करने की कोशिश कीजिए और इससे आप ठीक रहेंगे। दोस्तों मैंने आपको जो जो बात बताई उसको जरूर करिए। अगर आपको कभी भी वीकनेस लग रहा हो आपको लगता है कि नहीं मैं कमज़ोर सा पढ़ रहा हूँ। मेरे को एनर्जी नहीं आ रही है तो ये सब करके देखिये, आपको जरूर एनर्जी आएगी और योग मेडिटेशन भी करिए। थैंक यू सो मच। मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। हार्ट का ट्रीटमेंट करते हैं। हम लोग इंडिया भर में 116 क्लिनिक हम लोग चलाते हैं जहाँ बिना ऑपरेशन बिना बाईपास, बिना एनजीओ प्लास्टिक के हार्ट का इलाज किया जाता है और जिनका बाईपास ऐंजिओप्लास्टी हो गया उनको फिर से दुबारा कुछ दिक्कत ना हो। उसका भी ट्रेनिंग दी जाती है और बिना कटिंग के हम लोग का ट्रीटमेंट होता है। आप जरूर हमारे क्लिनिक से कॉन्टैक्ट करिए। थैंक यू।
25/10/2023
এই ঘরোয়া প্রতিকার 15 দিনে শরীরের দুর্বলতা এবং ক্লান্তি দূর করবে।
বন্ধুরা, ক্লান্তি এবং দুর্বলতা যাকে আমরা মাঝে মাঝে দুর্বলতা বলে থাকি, তার জন্য কী করা উচিত? দেখুন, এই তিনটি বিষয় নিয়ে অনেকেই সারাক্ষণ অভিযোগ করেন। সবকিছু ক্লান্ত মনে হয়, দুর্বল মনে হয় না, মানানসই, তাহলে এর মানে কি? এর মানে আপনার শরীরে কোথাও একটা ঘাটতি আছে, তাই আমি আপনাকে প্রতিদিন বলব। ক্লান্তি এড়াতে এটাই প্রথম নিয়ম। ফিটিং ঘটছে কেন আপনার কারণ খুঁজুন. আপনার যদি ডায়াবেটিস, হৃদরোগ, বাত বা থাইরয়েড থাকে। এটি সবচেয়ে উপযুক্ত তাই প্রথমে এটি পরীক্ষা করুন। ঠিক আছে, কিছু ওষুধ যা এনটিএস প্রশিক্ষণ মূত্রবর্ধক, এছাড়াও মূত্রবর্ধক মানে যা প্রস্রাব বাড়ায় যা অ্যালার্জির জন্য দেওয়া হয়, এটিও ক্লান্তি সৃষ্টি করে, তাই আপনি যদি ক্লান্তি, দুর্বলতা, ক্লান্তির অন্তর্নিহিত ব্যয় বুঝতে পারেন তবে তা দূর করার চেষ্টা করুন। দুই নম্বর, হাঁটার অভ্যাস করুন, কিছু ব্যায়াম করুন।আমরা যদি সারাক্ষণ শরীর ব্যায়াম করি, তাহলে বুঝুন আমাদের শরীর যদি একটু বেশি শক্তি পায়, তাহলে ব্যায়াম এমন নয় যে একই কথা।একদিনেই সব দৌড় শুরু করুন। প্রতিদিন চেষ্টা করুন। নিয়মিত ব্যায়াম করুন, এটি হার্ট, ফুসফুস এবং পেশীকে শক্তি দেয়। যাদের ক্লান্তির সমস্যা আছে তাদের আমরা তৃতীয় যে কথাটি বলি তা হলো তাড়াতাড়ি ঘুমানোর অভ্যাস করুন।আপনি যখন সারাদিন কাজ করতে চান তখন রাতে ক্লান্ত হয়ে পড়বেন এবং রাতে ভালো ঘুম হবে। পুরো আলো নিভে গেলে আপনার ক্লান্তি অনেকাংশে কমে যাবে। তাই এটা খুবই গুরুত্বপূর্ণ। 2004 সালে স্ট্যানফোর্ডে পরিচালিত একটি গবেষণায় দেখা গেছে যে একজন যদি ভাল ঘুম পায় তবে একজনের শরীরে প্রচুর শক্তি, শক্তি থাকে এবং কোনও ক্লান্তি থাকে না। চতুর্থত, অতিরিক্ত ওজন থাকলে কমিয়ে ফেলুন।এর জন্য কী করতে হবে? ওজন কমাতে হবে। বেশি করে সালাদ, শাকসবজি এবং ফল খান, শস্য কাটা এবং চর্বি সম্পূর্ণভাবে কমিয়ে দিন এবং এটি আপনার ওজন কমানোর সাথে সাথে শক্তি পেতে সহায়তা করবে। আরেকটি বিষয় হল এক বা দুই বেলা খাবার খাওয়া উচিত নয়। তিন বেলা খাইনি। পাঁচ-ছয় খাবারে খান। এই খাবারগুলো অল্প পরিমাণে খেতে থাকলে আপনার শরীরের রক্তে শর্করার মাত্রা ঠিক থাকবে। বেশিরভাগই দেখা যায় যা খুব তারা দুর্বল হয়ে পড়ে, তাদের চিনির মাত্রা কমে যায়, তাই তারা অল্প অল্প করে খাবার পায়। যদি তারা চিনি পায় তবে তারা ভাল এবং ভাল থাকে। যতটুকু পানি পান করুন, মানে আপনি কতটুকু পানি পান করেছেন? এটা সবার জন্য একটু আলাদা। এটা আড়াই লিটার, সাবধানে পান করুন, আমি বলিনি যে এত পানি পান করলে, প্রস্রাব সাদা থেকে যায় তাহলে বুঝতে হবে আপনি সঠিকভাবে পানি নিচ্ছেন, তারপর মনে রাখবেন আপনি যখনই পানিশূন্য হন তখনই আপনার সতর্কতা কমে যায়। একাগ্রতা কমে যায়, দুর্বলতা আসে, তারপর ঘটতে দেবেন না। সবশেষে, ক্যাফেইন কমিয়ে দিন। চা বা কফিই হোক, রাতে খাবেন না। দিনে এক বা দুটির বেশি পান করার চেষ্টা করুন। এটি ক্যাফেইন। এটি একবারে শক্তি দেয় কিন্তু শেষ পর্যন্ত এটি দুর্বলতার কারণ হয়, তাই ক্যাফেইন এড়িয়ে চলার চেষ্টা করুন এবং আপনি ভাল থাকবেন। বন্ধুরা, আমি যা বলেছি তাই কর। কখনো দুর্বল মনে হলে কি মনে হয় আমি দুর্বল পড়ছি? আমি যদি শক্তি না পাই তাহলে এই সব করার চেষ্টা করুন, আপনি অবশ্যই শক্তি পাবেন এবং যোগ ধ্যানও করবেন। অনেক ধন্যবাদ
আমার নাম ডাঃ বিমল ছজেদ। হৃদয়ের চিকিৎসা করে। আমরা ভারত জুড়ে 116টি ক্লিনিক চালাই যেখানে অপারেশন ছাড়াই, বাইপাস ছাড়াই, এনজিও প্লাস্টিক ছাড়াই হার্টের চিকিৎসা করা হয় এবং যারা বাইপাস অ্যাঞ্জিওপ্লাস্টি করেছেন তাদের আবার কোনো সমস্যা হয় না। সে জন্য প্রশিক্ষণও দেওয়া হয় এবং আমরা কাটা-ছেঁড়া ছাড়াই চিকিৎসা করি। আপনাকে অবশ্যই আমাদের ক্লিনিকে যোগাযোগ করতে হবে। ধন্যবাদ.
