इन दो कारणों की वजह से युवाओं में बढ़े हार्ट अटैक के मामले।

दोस्तों यंग लोगों में हार्ट अटैक क्यों हो रहा है? ये क्वेश्चन हर दिन मेरे पास आती है की ऐसी क्या बात हो गयी की यंग लोगो को ही हार्ट अटैक हो रहा है इसमें तो दोस्तों इसके लिए मैं आपको बताने वाला हूँ ये हार्ट अटैक का पहले तो मतलब क्या है? हमारे मेडिकल भाषा में बोलते हैं। ऐक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन हार्ट अटैक का दूसरा नाम है। इसको एक तरफ से बोलते हैं प्लेक रप्चर मतलब ब्लॉकेज जो कि फैट से बना होता है और यह ब्लॉकेज बढ़ती जाती है तो 1 दिन प्लेक रप्चर कर जाता है। बस कट जाता है और वहाँ पर एक लौट आती है और हार्ट अटैक हो जाता है। 100% टॉप होती है।

जिससे हार्ट का एक हिस्सा डेड हो जाता है। इसको बोलते हैं हार्ट अटैक, ये देखा गया पिछले कुछ दिनों में पहले एक ज़माना था जब 4050 में हार्ट अटैक हम लोग सुनते ही नहीं थे। आज कल 2030 में हार्ट अटैक सुनने लग गए तो ये जो उम्र कम होता जा रहा है यह देखा गया है की यंग लोगो को हार्ट अटैक ज्यादा होने लगी। हर साल दो 2% बढ़ रहे हैं। यंग लोगों की हार्ट अटैक इन्डिया 10 साल पहले इंडिया में 10 साल पहले लोगों को हार्ट अटैक होती है। कंपेर्ड टु मोस्ट ऑफ द वेस्टर्न सोसाइटी तो ये क्या कारण हो सकता है इसको आज आपको बताने वाला हो। पहला है पुअर लाइफ स्टाइल रूटीन, जिसमें एक्सेसिव स्ट्रेस है। एक्सेसिव डरिन किन गेंद स्मोकिंग है, ओवर वेट हैं ये तीन तो समझ लो जिनकी भी हार्ट अटैक होती है।
उनका बहुत कॉमन है और आज कल ब्लड प्रेशर में उस दिन 17 साल का लड़का ब्लड प्रेशर वाला देख के आये ओवर ओवर वेट स्ट्रेस ब्लड प्रैशर अच्छा उसके साथ डाइअबीटीज़ और ऐक्टिविटी नहीं होना। यह पांच छह कारण है जो बहुत कॉमन ली हो रही है और इसी का ही हार्ट अटैक का मेन रिश्ता होता है और ये जो कॉमन चीज़ है उसमें क्या? क्या अगर हार्ट अटैक हो तो क्या तकलीफ होती है? सर? चक्कर आने लगता है, पेन्टिंग होता है, लोगों को लगता है कि मेरे को पसीना पसीना आ रहा है और नीजी नेस होती है और यह सब साइन होती है कि हार्ट अटैक हो रहा है और ये अगर साइन है तो आप ये समझ लीजिये यंग आदमी को इमीडियेटली हॉस्पिटल ले जाना चाहिए, हर्ट अटैक ना हो उसके लिए क्या करना चाहिए?
रूटीन में डालना पड़ेगा उनको फैट कम खिलाना पड़ेगा। उनकी स्मोकिंग अगर है तो बंद करना पड़ेगा और उनको लाइफ में रिदम डालना पड़ेगा। आज कल क्या कॉम्पिटिशन का ज़माना, रेट रेस का ज़माना हर कोई आगे दूसरे से बढ़ना चाहता है और इसी चक्कर में बहुत ज्यादा स्ट्रेस हो रही है लोगों की और स्ट्रेस के संग फिर स्मोकिंग और अल्कोहल ओवर वेट और एक्सरसाइज नहीं होना, ये सब की कॉम्बिनेशन एक हो गया डेडली कॉम्बिनेशन जीसको हम बोल सकते हैं पांच सात चीजें एक साथ हो जाना और यही कारण है इन्हीं को हार्ट अटैक सबसे पहले होती है और दूर से नहीं पता चलता। लगता है उनकी लाइफ कितनी अच्छी है पर अंदर वो लोग हर वक्त कन्टिन्यूअस प्रेशर में होते हैं। एक और बड़ा कारण है यंग लोगो को हार्ट अटैक होने का वो है जेनेटिक टिक्का। क्या मतलब है उनकी फैमिली के तरफ से? उनकी कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा रह रही है यानी की खाने में कोलेस्ट्रॉल नहीं आ रहा है। नहीं आ रहा है। ये फैमिली हाईपरकोलेस्ट्रोलेमिया या हाइपरलिंक बोला जाता है। इसमें क्या होता है की आपकी लिवर कोलेस्ट्रॉल डबल बना रही है और ऐसे लोगों को ये देखा गया इंडिया में करीब एट 7% लोग हैं जिनके ये दोनों जेनेटिकली हाइ है और अगर हाइ है तो उसको हम लोग को कंट्रोल करना जरूरत है। तो आप कोई भी यंग आदमी जिनका लाइफ स्टाइल खराब है, आप उनको जरूर बोलिये। आप लिपिड प्रोफाइल कराओ। स्पेशियली अगर उनकी फैमिली में कोई भी हार्ट के पेशेंट है चाचा की तरफ से माँ की तरफ से या कोई भी इमिडिएट कज़न्स लोगो के तरफ से अगर कोई को हार्ट अटैक हुआ है, हार्ट की बिमारी हुई है तो यह जेनेटिक होने के पूरे चान्सेस है। दोस्तों यहाँ पे मैं आज रोक रहा हूँ पर ये बिमारी कोई बिना कारण के नहीं होती। हमें मालूम होना चाहिए बिमारी के कारण और उसको ना हो उसका बंदोबस्त। आज इंडिया में हम लोग एक ऐसी मूवमेंट चला रहे हैं कि हर आदमी तक हम एजुकेशन पहुंचायें और इंडिया में हार्ट की बिमारी ना हो, इसका पूरा बंदोबस्त करे। हम लोग 800 डिस्ट्रिक्ट में फैलने की बात सोच रहे हैं। हर जगह जाकर लोगों को समझाना पड़ेगा। बिमारी के कारण यह सेल्फ मेड बिमारी है, गॉड ने नहीं बनाया है। हम खुद अपनी लाइफ स्टाइल को खराब करके हटके बिमारी बना रहे हैं।
 
 
और आज मेजर बिमारी हो गई है और हर कोई उससे डरता है क्योंकि बिना वॉर्निंग के हार्ट अटैक होती है तो दोस्तों आज यही पे रुकता हूँ। मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। आपको मालूम है हट के बारे में हम लोग एजुकेट करते हैं लोगों को और इंडिया भर में हमारे करीब 117 सेंटर है जहा पे हम लोग हट के पेशेंट्स को बिना बाईपास बिना एनजीओ प्लास्टिक ट्रीटमेंट करते हैं। थैंक यू सो मच।
 

06/11/2023 

 এই দুটি কারণে তরুণদের মধ্যে হার্ট অ্যাটাকের ঘটনা বেড়েছে।

 বন্ধুরা, তরুণদের হার্ট অ্যাটাক কেন হচ্ছে? এই প্রশ্নটা প্রতিদিন আমার মনে আসে যে এমন কি হয়েছে যে শুধু অল্পবয়সীরা হার্ট অ্যাটাক করছে, তাই বন্ধুরা, এর জন্য আমি আপনাকে প্রথমে বলতে যাচ্ছি, হার্ট অ্যাটাক মানে কী? আমাদের মেডিকেল ভাষায় কথা বলুন। হার্ট অ্যাটাকের অপর নাম অ্যাকিউট মায়োকার্ডিয়াল ইনফার্কশন। একদিক থেকে একে প্লাক ফাটল বলা হয় অর্থাৎ ব্লকেজ যা চর্বি দিয়ে তৈরি এবং এই ব্লকেজ বাড়লে একদিনেই প্লেক ফেটে যায়। বাসটি কেটে যায় এবং সেখানে একজন ফিরে আসে এবং তার হার্ট অ্যাটাক হয়। 100% শীর্ষে।

যার কারণে হৃৎপিণ্ডের একটি অংশ মৃত হয়ে যায়। একে বলে হার্ট অ্যাটাক, গত কয়েকদিনে দেখা যাচ্ছে আগে এমন একটা সময় ছিল যখন আমরা 4050 সালেও হার্ট অ্যাটাকের কথা শুনিনি। আজকাল, যখন আমরা 2030 সালে হার্ট অ্যাটাকের কথা শুনতে শুরু করি, বয়স কমছে এবং দেখা গেছে যে তরুণরা বেশি হার্ট অ্যাটাক করছে। দুটি প্রতি বছর 2% বৃদ্ধি পাচ্ছে। 10 বছর আগে ভারতে তরুণদের হার্ট অ্যাটাক হয়েছিল৷ 10 বছর আগে ভারতে লোকেদের হার্ট অ্যাটাক হয়েছিল৷ বেশিরভাগ পশ্চিমা সমাজের তুলনায়, আজ আমি আপনাকে বলতে যাচ্ছি এর কারণ কী হতে পারে। প্রথমটি হল দরিদ্র লাইফস্টাইল রুটিন, যার অত্যধিক চাপ রয়েছে। কে আক্রমণাত্মক প্রিয়তম, কে ধূমপান করে, কার ওজন বেশি, তাহলে বুঝবেন এই তিনজনেরও হার্ট অ্যাটাক হয়েছে।

তাদের খুব সাধারণ এবং আজকাল রক্তচাপ আছে, সেদিন দেখলাম ১৭ বছরের এক ছেলের রক্তচাপ, ওজন বেশি, স্ট্রেস, ব্লাড প্রেসার, ভালো, ডায়াবেটিস এবং তার সাথে কোনো কার্যকলাপ নেই। এই পাঁচ বা ছয়টি কারণ যা খুব সাধারণ হয়ে উঠছে এবং এটিই হার্ট অ্যাটাকের প্রধান কারণ।আর এই সাধারণ জিনিসটি কী? হার্ট অ্যাটাক হলে কী ব্যথা হয়? স্যার? আমি মাথা ঘোরা, হাঁপাতে শুরু করি, লোকেরা মনে করে যে আমি ঘামছি এবং একটি নার্ভাসনেস আছে এবং এই সমস্ত লক্ষণ যে হার্ট অ্যাটাক হচ্ছে এবং যদি এটি একটি লক্ষণ হয় তবে আপনার এটি বোঝা উচিত, যুবক, হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া উচিত অবিলম্বে, হার্ট অ্যাটাক প্রতিরোধে কি করা উচিত? 

তাদের একটি রুটিনে রাখতে হবে এবং কম চর্বি খাওয়াতে হবে। যদি তারা ধূমপান করে তবে তাদের থামাতে হবে এবং তাদের জীবনে একটি ছন্দ লাগাতে হবে। আজকাল, এটা প্রতিযোগিতার সময়, হারের দৌড়, সবাই অন্যদের থেকে এগিয়ে থাকতে চায় এবং এই কারণে, মানুষ অনেক বেশি চাপে পড়ছে এবং সেই সাথে মানসিক চাপ, ধূমপান, অ্যালকোহল, অতিরিক্ত ওজন এবং ব্যায়ামের অভাব, এই সবই একটি এটি একটি মারাত্মক সংমিশ্রণে পরিণত হয়েছে, যাকে আমরা বলতে পারি পাঁচ-সাতটি জিনিস একসাথে ঘটছে এবং এই কারণেই এই লোকেদের প্রথম হার্ট অ্যাটাক হয় এবং এটি দূর থেকে সনাক্ত করা যায় না। মনে হয় তাদের জীবন এত ভালো কিন্তু ভেতরে ভেতরে তারা সব সময় চাপের মধ্যে থাকে। তরুণদের হার্ট অ্যাটাক হওয়ার আরেকটি বড় কারণ হল জেনেটিক প্রবণতা। তার পরিবারের পক্ষ থেকে এর মানে কি? তার কোলেস্টেরল খুব বেশি যার মানে তার খাবারে কোলেস্টেরল আসছে না। আসছে না. একে বলা হয় ফ্যামিলিয়াল হাইপারকোলেস্টেরোলেমিয়া বা হাইপারটেনশন। এর মধ্যে যা হয় তা হল আপনার লিভার কোলেস্টেরলকে দ্বিগুণ করে দিচ্ছে এবং এমন লোকেদের মধ্যে দেখা গেছে যে ভারতে প্রায় 7% লোক রয়েছে যাদের উভয়ই জেনেটিকালি উচ্চ এবং যদি এটি বেশি হয় তবে আমাদের এটি নিয়ন্ত্রণ করতে হবে। তাই যে কোনো যুবক যার লাইফস্টাইল খারাপ, তাকে অবশ্যই জানাবেন। আপনার লিপিড প্রোফাইল সম্পন্ন করুন. বিশেষ করে তাদের পরিবারের কেউ যদি হার্টের রোগী হয়, চাচার দিক থেকে, মায়ের দিক থেকে বা তাৎক্ষণিক কাজিন থেকে কেউ যদি হার্ট অ্যাটাক বা হার্টের রোগে আক্রান্ত হয়ে থাকে, তবে তার জিনগত হওয়ার সম্ভাবনা রয়েছে। বন্ধুরা, আজ আমি এখানেই থেমে যাচ্ছি কিন্তু কোনো কারণ ছাড়াই এই রোগ হয় না। আমাদের জানা উচিত অসুস্থতার কারণ এবং এর জন্য কী ব্যবস্থা করা উচিত। আজ ভারতে আমরা প্রতিটি মানুষের কাছে শিক্ষা নিয়ে যাওয়ার জন্য একটি আন্দোলন চালাচ্ছি।এবং ভারতে যাতে কোনও হৃদরোগ না হয় তা নিশ্চিত করার জন্য সম্পূর্ণ ব্যবস্থা করুন। আমরা এটি 800 জেলায় ছড়িয়ে দেওয়ার চিন্তা করছি। সব জায়গায় গিয়ে মানুষকে বোঝাতে হবে। রোগের কারণ হল এটা একটা স্ব-সৃষ্ট রোগ, এটা ঈশ্বরের সৃষ্টি নয়। আমরা নিজেরাই আমাদের জীবনযাত্রাকে নষ্ট করে রোগ সৃষ্টি করছি। আর আজকে একটা বড় অসুখ দেখা দিয়েছে এবং সবাই ভয় পায় কারণ হার্ট অ্যাটাক হয় সতর্কতা ছাড়াই, তাই বন্ধুরা, আমি আজ এখানেই থামব। আমার নাম ডাঃ বিমল ছজেদ। আপনি জানেন যে আমরা মানুষকে হাট সম্পর্কে শিক্ষিত করি এবং আমাদের ভারত জুড়ে প্রায় 117টি কেন্দ্র রয়েছে যেখানে আমরা বাইপাস বা এনজিও ছাড়াই হাট রোগীদের প্লাস্টিক চিকিত্সা প্রদান করি। তোমাকে অনেক ধন্যবাদ.


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