High Cholestrol : इन चीज़ो को खाने से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल।

दोस्तों कोलेस्ट्रॉल आज के जमाने में सबसे चर्चित चीज़ है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल से करोड़ों लोग मारे जा रहे हैं तो ये कोलेस्ट्रॉल क्या चीज़ है और क्या खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ती है? ये जानकारी होनी चाहिए। पहले तो समझते है कोलेस्ट्रॉल है क्या? यह एक फैट है, बड़ा सॉफ़्ट है और ये लोग कलर की होती है। यह हमारे खाने में भी आता है और हमारी कोई भी जैसे अंडा है, मीट है, डेरी प्रोडक्ट्स है, इससे आती है हमारे अंदर और एक होता बैड कोलेस्ट्रॉल। एक होता गुड कोलेस्ट्रॉल अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ती है तो बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाती है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए लोगों को वॉकिंग एक्सरसाइज
ये सब करना पड़ता है। एक बात आपको बता दूँ जैसे हम खाने में कोलेस्ट्रॉल खाते हैं। हमारा लिवर भी बहुत सारा कोलेस्ट्रॉल बनाता है और यह जब हमारे ब्लड में आती है तो वो भी कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा देता है। यह माना जाता है हमारे एक नॉर्मल आदमी का। 70% कोलेस्ट्रॉल ब्लड में लिवर से आती है। 30% खाने से आती है। अब यह खाने में और क्या क्या होता है जिससे हम लोग की कोलेस्ट्रॉल बढ़ती है? एक तो आप ओवर वेट हो या इनऐक्टिव हो, एक्सरसाइज नहीं करते हो तो आपकी कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाएगी क्योंकि ओवर वेट रहता है तो उनके फ्री साइड बढ़ती है और ट्रिगलीसाइड से फिर कोलेस्ट्रॉल बनती है और अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते तो एचडीएल जो गुड कोलेस्ट्रॉल को कम होती है, ये देखा जाता है। कोलेस्ट्रॉल जिनकी हाइ होती है, लिवर में ज्यादा बनती है। उनकी एक फैमिली में ट्रेंड एन सी रहती है। जरूर उस फैमिली में कोई ना कोई दो चार लोग होंगे जिनके हाइ कोलेस्ट्रॉल रही होगी। स्मोकिंग से भी कोलेस्ट्रॉल थोड़ी बढ़ती है। अगर कोलेस्ट्रॉल हो तो तकलीफ क्या होती है? न्यूस होली कोई तकलीफ नहीं होती है। कोलेस्ट्रॉल चेक करें बिगर पता भी नहीं चलता है पता चलता है जब वो बहुत दिन तक चलती रहती है और हमारे खून में चर्बी बनती रहती है, वो ट्यूब के अंदर चर्बी जमने लग जाती है और जब एक कोलेस्ट्रॉल ब्लॉकेज बढ़ाती रहती है, बढ़ाते रहती है। एक 2 साल नहीं 1000 2029 100 साल लग जाती है इस ब्लॉकेज को बनाने में ब्लॉकेज को हम लोग बोलते है, सॉफ्ट प्ले बोलते हैं, हार्ट्ब्रैक बोलते है ये ब्लॉकेज के ऊपर जो पर्दा होता है वो जीस दिन फटता है। उस दिन वहाँ पे एक लौट आती है और 100% ब्लॉकेज भी बन जाती है तो कोलेस्ट्रॉल ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का सबसे बड़ा रीज़न है अलॉन्ग विथ ट्राइग्लिसराइड। तो ये ब्लॉक जब होती है तो फिर वो हार्ट में भी ब्रेन में भी हर जगह कर सकते हैं। अब ये सोचते है की कौन से चीजों में यह कोलेस्ट्रॉल मिलती है और याद रखिए, कभी कभी कोलेस्ट्रॉल तुम लोगों को मालूम ही नहीं होता। सिर्फ ब्लड चेक कर रहा हूँ तो पता चलता है कोलेस्ट्रॉल है। एक बात और आपको बताना चाहता हूँ, कोलेस्ट्रॉल की जो रेन्ज है ना वो 130 से 200 लिखा जाता है तो आपको नीचे का तरफ भी देखना ऊपर की तरफ नहीं देखना है। लोगों ने देखा है 200 तो मेरा नॉर्मल है, मैं बोलता नहीं 130 नॉर्मल है। आप सोच के देखिये एक कोलेस्ट्रॉल की रेन्ज है 130 से 200 तो मैं तो बेस्ट जाऊंगा अच्छा कहाँ मिलता है? ऐनिमल फूड में मिलता है जितनी तरह के मीट है, मटन, पोर्क, बीफ, चिकन ये सब में कोलेस्ट्रॉल होता है। मछली में भी कोलेस्ट्रॉल होती है और अंडे का ये लो पार्ट में कोलेस्ट्रॉल होती है तो ये सब आपको नहीं खाना है। याद रखेगा कोई भी प्लांट फूड में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है। दूसरा कोलेस्ट्रॉल के सोर्स से मिल के एक डेरी मिल्क और मिल्क से जो भी चीज़ बनती है सब में कोलेस्ट्रॉल होता है क्योंकि ऐनिमल से बना हुआ होता है पर दूध का मलाई निकाला जा सकता है और 2% फैट वाली जो है दूध उसको आप दो सौं ले सकते हैं और पॉइंट फाइव वाला 500 पड़े ले सकते हैं और याद रखियेगा दूध में यह जीतने चाय, कॉफी, पनीर ची साई क्रीम बट्टरमिल्क के छात्र सब उसमें इन्क्लूडेड है। तीसरा है नट्स नट्स में आपको मालूम होना चाहिए बहुत ज्यादा फैट होता है वो ट्राइग्लिसराइड होती है जैसे कि वॉलनट है हेलमंड है, कैश ऊँ ट है, पिस्ता है। ये मूंगफली है, कोकोनट है। ये सब में फैट होता है और ये फैट जा के अंदर कोलेस्ट्रॉल बनाने का काम करता है। सीड्स जीतने भी अलसी और ये खरबूजा के बीज ये जीतने तरह के बीज हैं। वो भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है क्योंकि वो ट्राइग्लिसराइड और इन डाइरेक्टली जाके कोलेस्ट्रॉल बनती है और हर तरह की ऑइल जीतने भी तरह की औलख आती है, वो ट्राइग्लिसराइड है और उसी का ही कुछ पार्ट से कोलेस्ट्रॉल बनता है। दोनों की स्ट्रक्चर अलग अलग है पर ट्रिगलीसाइड ज्यादा होती है तो कोलेस्ट्रॉल भी आपके खून में ज्यादा होने का चान्सेस रहता है क्योंकि लिवर उसी ट्राइग्लिसराइड को यूज़ करके कोलेस्ट्रॉल बनाता है। तो याद रखें दोस्तों और कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी केमिकल है जो सबसे वर्ड का सबसे बड़ा टेररिस्ट मैं मानता हूँ टेररिस्ट इन द सेन्स जो लोग इतने लोगो को मारता है इंडिया में 35,00,000 लोग मारे जा रहे हैं हर साल किस वजह से? येस कोलेस्ट्रॉल की वजह से तो कोलेस्ट्रॉल के बारे में आपको जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसको हम बोलते है बिगेस्ट टेररिस्ट ऑफ द वर्ल्ड दोस्तों मेरा नाम डॉक्टर विमल चार्जर है। हार्ट का ट्रीटमेंट करते हैं। हम लोग बिना सर्जरी बिनाइन जो प्लास्टिक आज आपको कोलेस्ट्रॉल के बारे में बताया, आगे आपको हर चीज़ के बारे में बताता रहता हूँ और आप इस विडीओ उसको आगे शेर कीजिये। लोगों को जानकारी दीजिये की कोलेस्ट्रॉल से हार्ट की बिमारी होती है। तो आप ख्याल रखे अपना थैंक यू सो मच

Disclaimer: While we strive to deliver the most accurate and reliable translations possible, the nature of language translation can result in occasional mistakes. We do not guarantee the completeness or correctness of the translated material and cannot be held liable for any consequences arising from its use. Therefore, it is recommended that you should watch the original video posted on SAAOL Heart Center’s official youtube channel and subscribe to that. The link is available here.

Difference between Tofu and paneer, Which is more Nutritious ?

दोस्तों पनीर अब जरूर खाते होंगे और लाइक भी करते होंगे। पनीर को बहुत सारे नाम से जाना जाता है। इंडिया में कुछ लोग छेना बोलते हैं जो कि कलकत्ता साइड में बहुत फेमस है। कुछ लोग इसको चीज़ भी बोलते हैं। कुछ लोग इसको बोलते हैं। संदेश तो ये पनीर बहुत सारे तरीके से यूज़ होता है और पनीर बटर मसाला आप नॉर्थ इंडिया में सुनते रहते हैं। पनीर की सब्जी बिना तो नॉर्थ इंडिया मूवी नहीं करता है पर पनीर में एक मेजर प्रॉब्लम है। ये ऐनिमल से बना हुआ है। जानवर से बना हुआ है। आपको मालूम है दूध ले के दूध में उसमें नींबू वगैरह डाल के उसका सारा फटा लेते और उसका पानी निकाल देते हैं और जो बाकी रह जाता है, जो उसमें फैट कॉन्सन्ट्रेट हो जाता है, वो हम लोग उसको पनीर बोलते हैं और उसको पानी ये सारा निकालने के बाद जो रहता है उसको पीसेस करके बेचा जाता है और आप खरीदते ही होंगे तो पनीर और अगर घर पे बनाते है पनीर तो दूध का बना के उसको उसको फ्रेम बनाने, उसको बहुत ज्यादा टाइट करने की जरूरत नहीं है। उसका उसी का संदेश बनता है जो बंगाल में बहुत फेमस बंगाली स्वीट्स बोलते है और मैंने ये भी देखा बंगाल में हट के पेशेंट्स को अलग से पनीर खिलाया जाता है की वो अच्छा हो जाए। छे ना खिलाते हैं बट वो जहर के बराबर है। मान के चले गा क्योंकि ऐनिमल फूड है पनीर की अगर मैं कैलोरीज़ देखो तो बहुत ज्यादा कैलरी है। 265 कैलरी 100 ग्राम में फैट उसमें 20 ग्राम होती है। 21 ग्राम फैट होता है। हालांकि कैल्शियम वगैरह अच्छी है तो वो हम लोग कहीं और से भी ला सकते हैं। तो मैं आज आपको बताने वाला हूँ ये पनीर में जो प्रॉब्लम है, इसको कैसे आप दूर करे। देखिये एक तो पनीर अगर खाना ही है तो फिर आपको स्किम्ड मिल्क आ पनीर बनाना पड़ेगा तो उससे उसका फैट कन्टेन्ट काफी कम हो जाती है और आज कल तो ऐसे लोग हो गए जिनको बोलते हैं। वैगनों बोलते है पनीर खायेंगे नहीं क्योंकि दूध का प्रॉडक्ट है। हम तो दूध का ऐनिमल कोई प्रॉडक्ट नहीं खाते तो उनके लिए बेस्ट चीज़ है टोफू टोफू आजकल बड़ी पॉपुलर होते जा रहा है। क्या सोया का पनीर है? सोया का पनीर ऐक्चुअली नहीं है, उसको सोया का दूध भी बोल सकते है। सोया का कट भी बोल सकते ये सोया का दूध जो होता है उसमें क्या करते है? कुछ केमिकल डाला जाता है उसको इस निगरानी करके एक्स ऑल टाइप का चीज़ होता है, उसको डाला जाता है, सी वोटर से आता है और उसको कडल कर लेते हैं और ये चाइना में बहुत पुरानी 2000 साल पुरानी चीज़ है ये और देखने में एग्ज़ैक्ट्ली पनीर जैसा होता है। इसमें फैट होता है सिर्फ चार ग्राम और इसमें कैल्शियम बहुत ज्यादा होता है। अगर पनीर में 208 है तो इसमें 400 के आसपास कैल्शियम है और कार्बो इसमें प्रोटीन भी अच्छी खासी होती है। टोफू में तो अगर आपको प्रोटीन लेना है वेजिटेरियन सोर्सेस सेनन मिल्क से नन डेरी से तो टोफू इस द बेस्ट थिंग तो अगर आप कंपेर करेंगे तो फ़ोर पनीर में तो टोफू भारी पड़ता है तो फूल लीजिये।

पाठ के लिए सेफ है क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल एकदम नहीं है। पनीर में कोलेस्ट्रॉल हो गयी होगा। बिकॉज़ ये ऐनिमल से आती है? तो अगर आपको कोलेस्ट्रॉल अवॉर्ड करना है तो दूध का सारा सामान हम कट करवा देते हैं तो आपको उसकी जगह आप सोया का दूध ले सकते हैं या सोया का पनीर ले सकते हैं। सोया पनीर का नाम है टोफू और ये आजकल हर जगह अवेलेबल होता है। इसकी भी संदेश आप बनाके देखिये, अच्छा बनेगा और सोया का दूध आजकल बहुत पॉपुलर होते जा रहे हैं। बहुत सारे फ्लेवर में मिलता है तो आप कृपया अब दूध को हटाकर पनीर हटाके। अब आप जाईये सोया दूध की तरफ या सोया पनीर के तरफ से इसको टोफू बोलते हैं तो आप जरूर टोफू को सेवन करिये। थिस इस बेटर दैन पनीर और हार्ट के पेशेंट को आप अगर कभी पनीर खिलाना चाहते हैं या छे ना खिलाना चाहते हैं तो वो सिर्फ स्कीमड मिल्क से बनना चाहिए और अगर ना लेके चल जाए तो आप सोया पनीर में शिफ्ट कर जाये। टू फ़ोर पे शिफ्ट कीजिये, टोफू इस द बेस्ट थिंग नाउ चलिए मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। आपको हम हर वक्त कुछ ना कुछ नई बातें बताते रहते हैं। हेल्थ के बारे में, हार्ट के बारे में मेरी क्लिनिक सवाल के नाम से चलती है। पूरे इंडिया भर में हम लोग बाईपास है जो प्लास्टिक को रोकने के लिए, उनके रिप्लेसमेंट में उनका खान पान रहन सहन चेंज करके, दवाइयां देकर उनको नॉन इन बेसिक तरीके से ट्रीट करके उनको हम ठीक रखते हैं और लाखों पेशंट हमारे साथ चल रहे हैं। 119 क्लिनिक है।
 
तो हार्ट का कोई भी पेंशन जिनको बाईपास है, जो प्लास्टिक बोला गया है, उनको आप जरूर हमारे यहाँ एक बार भेजिए। उनको हम लोग बताएंगे। हम लोग किस तरीके से ट्रीटमेंट करते हैं एंड दे विल डेफिनिट्ली गेट बेटर और मेरे से विडिओ कंसल्ट एशन भी आप कर सकते हैं। हमारी वेबसाइट में जाइए, सारी डिटेल आपको मिल जायेगा। डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट कॉम एओएल.कॉम थैंक यू सो मच।

 

23/11/2023

 তোফু এবং পনিরের মধ্যে পার্থক্য, কোনটি বেশি পুষ্টিকর? 
বন্ধুরা, এখন আপনি অবশ্যই পনির খাচ্ছেন এবং এটি পছন্দও করছেন। পনির অনেক নামে পরিচিত। ভারতের কিছু লোক ছেনা ভাষায় কথা বলে যা কলকাতার দিক থেকে খুব বিখ্যাত। কেউ কেউ একে পনিরও বলে। কেউ কেউ এই কথা বলে। বার্তা: এই পনির অনেক উপায়ে ব্যবহার করা হয় এবং আপনি উত্তর ভারতে পনির মাখনের মসলা শুনতে থাকেন। পনির কারি ছাড়া কোনও উত্তর ভারতীয় সিনেমা সম্পূর্ণ হয় না তবে পনিরের একটি বড় সমস্যা রয়েছে। এটি পশু দিয়ে তৈরি। পশুদের থেকে তৈরি।
আপনি জানেন, আমরা দুধ নিই, এতে লেবু ইত্যাদি রাখি, সম্পূর্ণ দই করে এর পানি বের করে ফেলি এবং যা অবশিষ্ট থাকে, এতে যে চর্বি জমা থাকে, তাকে আমরা পনির ও পানি বলি এবং এসবই। বের করার পর যা অবশিষ্ট থাকে তা মাটি করে বিক্রি করা হয়। এবং যদি আপনি এটি কিনে থাকেন তবে এটি পনির এবং আপনি যদি বাড়িতে পনির তৈরি করেন তবে এটি দুধ থেকে তৈরি করুন, এটিকে ফ্রেম করার বা খুব বেশি টাইট করার দরকার নেই। এটি সেই একই লোকের বার্তা যারা বাংলায় মিষ্টি কথা বলে যা বাংলায় খুব বিখ্যাত এবং আমি আরও দেখেছি যে বাংলায় রোগীদের আলাদাভাবে পনির খাওয়ানো হয় যাতে তারা ভাল হয়। তারা আপনাকে খাওয়ায় না তবে এটি বিষের সমতুল্য। সম্মানের সাথে খান কারণ এটি পশুর খাবার।আমি যদি পনিরের ক্যালোরি দেখি, এতে খুব বেশি ক্যালোরি রয়েছে। 100 গ্রাম এবং 20 গ্রাম চর্বিতে 265 ক্যালোরি। 21 গ্রাম চর্বি রয়েছে। ক্যালসিয়াম ইত্যাদি ভালো হলেও আমরা অন্য কোথাও থেকেও আনতে পারি। তাই আজ আমি আপনাদের বলব কিভাবে পনিরে এই সমস্যার সমাধান করা যায়।দেখুন, প্রথমত, আপনাকে যদি পনির খেতেই হয়, তবে আপনাকে স্কিমড মিল্ক দিয়ে পনির বানাতে হবে, এতে এর ফ্যাটের পরিমাণ উল্লেখযোগ্যভাবে কমে যায় এবং আজকাল লোকেরা এমন লোকে পরিণত হয়েছে যারা এটি বলে। ওয়াগনরা বলে যে তারা পনির খাবে না কারণ এটি একটি দুধের পণ্য। আমরা প্রাণীরা কোন দুধের পণ্য খাই না, তাই তাদের জন্য সেরা জিনিস হল টফু।টোফু আজকাল খুব জনপ্রিয় হয়ে উঠছে। সয়া পনির আছে? সয়া পনির আসলে পনির নয়, একে সয়া দুধও বলা যেতে পারে। আপনি সয়া কাটা বলতে পারেন। আপনি সয়া দুধ দিয়ে কি করবেন? এতে কিছু রাসায়নিক রাখা হয়, এটি পর্যবেক্ষণ করার পরে এটি একটি এক্স-অল ধরণের পনির, এটিকে রাখা হয়, এটি সমুদ্রের জল থেকে আসে এবং তারা এটিকে জড়িয়ে ধরে এবং এটি চীনে 2000 বছরের পুরানো জিনিস। পুরানো, এবং এটি দেখতে হুবহু পনিরের মতো। এতে মাত্র চার গ্রাম চর্বি থাকে এবং প্রচুর ক্যালসিয়াম থাকে।যদি পনিরে 208 থাকে তবে এতে প্রায় 400 ক্যালসিয়াম থাকে এবং এতে প্রোটিন এবং কার্বোহাইড্রেটও থাকে। টোফুতে, আপনি যদি নিরামিষ উত্স থেকে প্রোটিন নিতে চান – দুগ্ধের চেয়ে সেন্নান দুধ, তবে টোফু সেরা জিনিস। তাই যদি আপনি তুলনা করেন, তোফু পনিরের চেয়ে ভারী, তাই এটি নিন।

 এটি খাওয়ার জন্য নিরাপদ কারণ এতে কোন কোলেস্টেরল নেই। পনিরে কোলেস্টেরল থাকতে পারে। কারণ এটা পশুদের থেকে আসে? তাই আপনি যদি কোলেস্টেরল কমাতে চান, তাহলে আমরা সব দুধের আইটেম কমিয়ে দিই, তাই আপনি এর পরিবর্তে সয়া দুধ বা সয়া পনির নিতে পারেন। সয়া পনিরের নাম তোফু এবং এটি আজকাল সর্বত্র পাওয়া যায়।আপনি এটিও তৈরি করে দেখতে পারেন, এটি ভাল হবে এবং সয়া দুধ আজকাল খুব জনপ্রিয় হয়ে উঠছে। এটি অনেক স্বাদে পাওয়া যায়, তাই দয়া করে এখন দুধ এবং পনির সরিয়ে ফেলুন। এখন আপনি যদি সয়া মিল্ক বা সয়া পনিরের দিকে যান, একে তোফু বলা হয়, তাহলে আপনাকে অবশ্যই টফু সেবন করতে হবে। এটি পনিরের চেয়ে ভাল এবং আপনি যদি কখনও হার্টের রোগীকে পনির খাওয়াতে চান বা এটি খাওয়াতে না চান তবে এটি শুধুমাত্র স্কিমড দুধ দিয়ে তৈরি করা উচিত এবং যদি এটি গ্রহণযোগ্য না হয় তবে আপনি সয়া পনিরে যেতে পারেন। শিফট টু টু, তোফু এখন সবচেয়ে ভালো জিনিস।আমার নাম ডাঃ বিমল ছাজেদ। আমরা আপনাকে সব সময় কিছু নতুন জিনিস বলতে থাকি। স্বাস্থ্য এবং হার্টের বিষয়ে, প্রশ্ন নামে আমার ক্লিনিক চলে। আমাদের সারা ভারতে এমন লোক রয়েছে যারা প্লাস্টিককে বাইপাস করছে, তাদের প্রতিস্থাপন করছে, তাদের খাদ্যাভাস পরিবর্তন করছে, তাদের ওষুধ দিচ্ছে, তাদের অ-মৌলিক উপায়ে চিকিত্সা করছে এবং তাদের ভাল রাখছে এবং লক্ষ লক্ষ রোগী আমাদের অনুসরণ করছে। 119টি ক্লিনিক রয়েছে।

সুতরাং, যে কোনো হার্ট পেনশন যা বাইপাস করা হয়েছে, যাকে প্লাস্টিক বলা হয়েছে, দয়া করে একবার আমাদের কাছে পাঠান। আমরা তাদের বলব। আমরা মানুষের সাথে কীভাবে আচরণ করি এবং তারা অবশ্যই ভাল হয়ে উঠবে এবং আপনি আমার সাথে ভিডিও পরামর্শও করতে পারেন। আমাদের ওয়েবসাইটে যান, আপনি সমস্ত বিবরণ পাবেন। www.saaol.com আপনাকে অনেক ধন্যবাদ।


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हार्ट ओर लंग्स के लिए घातक है विंटर स्मॉग बचने के लिए अपनाएं ये 5 तरीके।

दोस्तों पोल्लुशण बढ़ गयी सभी महानगरों में जैसे दिल्ली मुंबई सबसे ज्यादा है और बाकी और महा नगरों में पोल्लुशण बढ़ रही है, विंटर में पोल्लुशण ज्यादा होता है क्यों पता है, ठण्ड हवा होती है तो वो नीचे पड़ने लगती है गर्मी में जो हवा होती है वो गरम होने के कारण ऊपर चली जाती है और नीचे जमती नहीं है पर मै आज आपको बताने वाला हु की क्या क्या आप करियेगा पुरे घर में, देखिये पोल्लुशण में रहना तो होगा ही ये नहीं की दिल्ली वाले सारे छोढ़ कर बहार निकल जायेंगे बड़े सेहरो में रहना है तो क्या करना चाहिए। 

पहला काम आपको करना है आपने air purifier का नाम सुना होगा मार्किट में आजकल बहुत मिल रहा है आप उसको इस्तेमाल करिये और ज्यादातर वो लोग जिनके यहाँ पोलुशन बहुत ज्यादा है। 
दूसरा आप कभी भी घर से बहार जाये मास्क पहन सकते है, आजकल बहुत अच्छे मास्क आते है उससे काफी पोल्लुशण को रोका जा सकता है, एक बात याद रखियेगा सुबह और शाम को पोल्लुशण होता है क्युकी दिन में गर्मी पड़ने लगती है धुप आती है तो नीचे वाली हवा ऊपर चाली जाती है उससे पोल्लुशण काफी कम हो जाती है, सुबह और शाम को आप बहार न जाये और अपने घर के दरवाज़े विंडो सबको बंद करके रखे उस वक़्त ये पोल्लुशण ज्यादा घूमता है। 

अगर आपके पास वैक्यूम क्लीनर है तो उससे अपनी घर की सफाई कर सकते है उससे काफी धूल ख़तम होती है घर के अंदर कोई कैंडल कोई दिया कोई धुप बत्ती उसका ना इस्तेमाल करे पोल्लुशण के टाइम तो घर अंदर जो पोल्लुशण है उसको रोक सकते है याद रखिये जब भी गैस को इस्तेमाल करे   तो एग्जॉस्ट फैन या चिमनी को जरूर ऑन रखे उससे हमारे घर के अंदर का पोल्लुशण कम हो जाता है। 

आप इंडोर प्लांट्स इस्तेमाल कर सकते है देखिये आपको मालूम है प्लांट्स में ऑक्सीजन बनाने की छमता है तो अगर आप इंडोर प्लांट अपने घर पे लगते है इससे बहुत फ़ायदा है। 

अच्छा चारकोल अपने पास रख सकते है, चारकोल एक ऐसी चीज़ है जिसको पानी में रख दीजिये या भिगो दीजिये ये सारा पोल्लुशण को ऑब्सेर्वे करता है। जब भी आप बहार से घर आये तो क्या करना है अपने मुँह को पानी से धोइये जितना भी पोल्लुशण है चेहरे में और आँख में लगा हुआ चला जाये, बहार घूमने न जाये ठंड के दिनों में जब पोल्लुशण ज्यादा हो तो बिलकुल भी नहीं, आप घर पे रह कर थोड़ी बहुत एक्सरसाइज कर ले नहीं तो अपने घर के अंदर ही वाक कर लिया करे, स्टीम ले सकते है उसमे लंग्स का पोल्लुशण काफी कम होता है, विटामिन C जरूर ले वो आपके पोल्लुशण को रोकने का काम करता है और अदरक और सेहद मिला के हर दिन लीजिये इससे पोल्लुशण का इफ़ेक्ट कम होता है, योग करिये और एक बात याद रखिये जो भी कपडे आप बहार से पहन के आते है उसमे पोल्लुशण है तो कपडे को हर दिन धोइये, दोस्तों इन सारी चीज़ो को आप जरूर फॉलो करिये कुछ न कुछ पोल्लुशण आपका कम हो जायेगा। 

दोस्तों मेरा नाम डॉ बिमल छाजेर है आपको मालूम है हार्ट का ट्रीटमेंट करते है हमलोग, हार्ट के बारे में हमलोग लोगो को सिखाते है पुरे इंडिया भर में हमारा 117 सेंटर है जहाँ हमलोग पेशेंट को हार्ट के ट्रीटमेंट से छुटकारा देते है बिना बयपास बिना NGO प्लास्टी के, थैंक यू सो मच 

20/11/2023 
শীতের ধোঁয়াশা হার্ট এবং ফুসফুসের জন্য মারাত্মক। এটি এড়াতে এই 5টি পদ্ধতি অবলম্বন করুন। 
বন্ধুরা, সব মেট্রোপলিটন শহরেই দূষণ বেড়েছে, দিল্লি ও মুম্বাইয়ের মতোই সবথেকে বেশি এবং অন্যান্য বড় বড় শহরেও দূষণ বাড়ছে, শীতকালে দূষণ বেশি হয়, জানেন কি, ঠান্ডা বাতাস থাকলেই বাতাসের মতো পড়তে থাকে কেন? গ্রীষ্মে। গরমের কারণে উপরে উঠে নিচের দিকে জমে না, কিন্তু আজ আমি আপনাদের বলতে যাচ্ছি পুরো বাড়িতে কী করবেন, দেখুন, আপনাকে দূষণের মধ্যে থাকতে হবে, তার মানে এই নয়। দিল্লির লোকেরা সবকিছু ছেড়ে বড় শহরে চলে যাবে, আমি যদি থাকতে চাই তাহলে আমার কী করা উচিত?
প্রথমে আপনাকে যা করতে হবে তা হল আপনি নিশ্চয়ই এয়ার পিউরিফায়ারের নাম শুনেছেন, আজকাল এটি বাজারে অনেক ধরণের পাওয়া যায়, আপনার এটি ব্যবহার করা উচিত এবং বেশিরভাগ লোক যাদের জায়গায় প্রচুর দূষণ রয়েছে। দ্বিতীয়ত, আপনি যখনই বাড়ির বাইরে যাবেন তখনই মাস্ক পরতে পারেন, আজকাল খুব ভালো মাস্ক পাওয়া যায়, এগুলো দিয়ে অনেক দূষণ রোধ করা যায়, একটা কথা মনে রাখবেন, সকাল-সন্ধ্যায় দূষণ থাকে কারণ গরম হওয়া শুরু হয়। দিন এবং সূর্য আসে।নিচের বাতাস ঊর্ধ্বমুখী হয়, যা দূষণকে উল্লেখযোগ্যভাবে কমিয়ে দেয়।আপনি সকাল-সন্ধ্যায় বাইরে বের হবেন না এবং আপনার বাড়ির দরজা-জানালা বন্ধ রাখবেন, সেই সময়ে দূষণ বেশি ছড়ায়।

আপনার যদি ভ্যাকুয়াম ক্লিনার থাকে তবে আপনি এটি দিয়ে আপনার ঘর পরিষ্কার করতে পারেন, এটি অনেক ধুলাবালি দূর করে। বাড়ির ভিতরে কোনও মোমবাতি, বাতি বা ধূপকাঠি ব্যবহার করবেন না। মনে রাখবেন, দূষণের সময়, আপনি ভিতরের দূষণ বন্ধ করতে পারেন। যখনই আমরা গ্যাস ব্যবহার করি, আমাদের অবশ্যই এক্সজস্ট ফ্যান বা চিমনি চালু রাখতে হবে, এতে আমাদের বাড়ির ভিতরে দূষণ কমে যায়। 
আপনি ইনডোর প্ল্যান্ট ব্যবহার করতে পারেন, দেখুন, আপনি জানেন যে গাছের অক্সিজেন তৈরি করার ক্ষমতা আছে, তাই আপনি যদি আপনার বাড়িতে ইনডোর প্ল্যান্ট লাগান তবে এটি খুব উপকারী।
আপনি আপনার সাথে ভাল কাঠকয়লা রাখতে পারেন, কাঠকয়লা এমন একটি জিনিস যে আপনি এটি জলে রাখতে পারেন বা ভিজিয়ে রাখতে পারেন, এটি সমস্ত দূষণ পর্যবেক্ষণ করে। বাইরে থেকে বাসায় এলে কী করবেন?পানি দিয়ে মুখ ধুয়ে নিন।মুখে ও চোখে যত দূষণই থাকুক না কেন তা যেন দূর হয়।শীতের দিনে যখন প্রচুর দূষণ থাকে তখন বাইরে হাঁটতে যাবেন না।একদম নয়। আপনার বাড়িতে থাকা উচিত। ঘরে বসে কিছু ব্যায়াম করুন, অন্যথায় আপনার বাড়ির ভিতরে হাঁটুন, আপনি বাষ্প নিতে পারেন, এটি ফুসফুসের দূষণ কমায়, অবশ্যই ভিটামিন সি নিন, এটি আপনার দূষণ বন্ধ করতে কাজ করে এবং আদা ও মধু নিন। মিলা প্রতিদিন দূষণের প্রভাব কমায়, যোগাসন করুন আর একটা কথা মনে রাখবেন, বাইরে থেকে যে জামাকাপড় পরেন তাতে যদি দূষণ থাকে, তাহলে প্রতিদিন জামাকাপড় ধুবেন, বন্ধুরা, এই সব কিছু মেনে চললেই আপনার দূষণ হ্রাস করা হবে।
বন্ধুরা, আমার নাম ডাঃ বিমল ছাজের, আপনি কি জানেন যে আমরা হার্টের চিকিৎসা করি, আমরা মানুষকে হার্ট সম্পর্কে শিক্ষা দেই, সারা ভারতে আমাদের 117টি কেন্দ্র আছে যেখানে আমরা রোগীদের বাইপাস, এনজিও প্লাস্টি ছাড়াই হার্টের চিকিৎসা থেকে মুক্তি দেই। কে, আপনাকে অনেক ধন্যবাদ


Disclaimer: While we strive to deliver the most accurate and reliable translations possible, the nature of language translation can result in occasional mistakes. We do not guarantee the completeness or correctness of the translated material and cannot be held liable for any consequences arising from its use. Therefore, it is recommended that you should watch the original video posted on SAAOL Heart Center’s official youtube channel and subscribe to that. The link is available here.

रोजाना करे टोफू का सेवन, दिल की बीमारी का खतरा होगा कम।

दोस्तों आज आपको बताने वाला हूँ टोफू के बारे में ये टोफू है क्या चीज़? इसको सोया पनीर भी बोलते है। हम लोग सोया का कार्ड भी बोलते हैं। सोया मिल्क आपको मालूम है आज कल बहुत सारे लोग सोया मिल्क में शिफ्ट कर गए। नॉर्मल मिल जो होती है वो ऐनिमल प्रॉडक्ट होता है। उसमें कोलेस्ट्रॉल होती है और इसलिए आजकल लो फैट सोया मिल्क मिलने लग गया है और ये कैल्शियम और आयरन भी बहुत होती है। इसमें सोयाबीन में और इसमें बहुत सारे फ्लेवर्स भी ऐड कर सकते हैं। तो यह इस वजह से ये सोया के जो पनीर है, जीसको टोफू बोला जाता है। आज कल काफी पॉपुलर हो गए कुछ लोग आजकल वेजिटेरियन ना बेंगन मानते हैं। अपना और दूध का सामान भी नहीं लेते हैं। जो बैगन होते हैं वो दूध का सामान भी बंद कर देते तो उनके लिए भी टोफू इस आ गुड सोर्स ऑफ प्रोटीन तो अगर आप वेजिटेरियन है या दूध को भी छोड़ना चाहते हो तो पनीर जो सोया का बनता है, जीसको टोफू बोलते है वो बहुत अच्छी चीज़ है। टोफू देखने में पनीर जैसे ही होता है। छोटे छोटे पीस दे के आप टोफू का सब्जी भी बना सकते हैं और हमने बहुत सारे दिखाए हैं। अच्छा कैसे इसको फूको बनाते हैं पर टोफू के लिए पहले सोया का दूध लेते हैं और इसमें निगरानी करके एक केमिकल है, उसको डाला जाता है। वो उसको थो कर देता। उसको कडलिंग एजेंट बोलते हैं। जैसे दूध से हम जब नहीं बनाते हैं तो जैसे हम लोग डालते हैं ना। कर्लिंग एजेंट थोड़ा सा पुराना दही वैसे ही इसमें निगरानी डाल देते हैं। इसमें कोई जमसं वगैरह नहीं होती है। वो निगारी सी वॉटर्स से आती है। समुद्र के पानी से जब सॉल्ट निकाल लेते हैं, उसके बाद जो रह जाती है उसको यूज़ करते है और इसको देने के बाद ये कर डाल हो जाता है और फिर इसका पानी निकाल के उसको जितना सॉलिड बनाना उतना सॉलिड बना सकते हैं। तो यह टोफू आज कल काफी पॉपुलर है। देखने में पनीर सा होता है, खाने में भी पनीर सा होता है और उसमें फ्लेवर भी ऐड कर सकते हो और इसको जितना कड़ा बनाना चाहते हैं उतना कड़ा बना सकते हैं। इसको खाने में सब्जी के हिसाब से यूज़ कर सकते हैं। इसका स्लाइसेस बना के आप चीज़ के तरह ले सकते हैं तो ये पनीर के बहुत सारे फायदे हैं सोया वाला पनीर का और ये मैं आपको बताने वाला हूँ क्या क्या फायदा है इसको स्टीम करके बेक करके, रोस्ट करके कैसे भी खा सकते हैं। सबसे बड़ा फायदा हार्ट की बिमारी के लिए करोनरी हार्ट डिज़ीज़ के लिए क्योंकि इसमें एस्ट्रोजेन होती है और वो हर्ट की ट्रबल को कम करता है तो ये बात आप याद रख लीजिएगा और इसमें ब्लड वेसल्स में जो कोलेस्ट्रॉल जम जाती है उसको भी कम करता है। रिसर्च दिखाया गया है कि अगर 10 मतलब करीब 250 ग्राम पनीर टोफू कोई खाले पूरे दिन में तो जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और 5% कम हो जाता है, ऑस्टियोपोरोसिस के लिए बहुत अच्छी है क्योंकि इसमें कैल्शियम होती है और इसके विटामिन डी भी होती है तो इसलिए इसका बोन हेल्थ में काफी फायदा करता है। अगर प्रोस्टेड का कोई कैन्सर वगैरह है तो उसमें भी टोफू काफी काम करता है और कैंसर को रोकने का काम करता है। मेमोरी ब्रेन को भी मदद करता है, मेमोरी को इम्प्रूव करता है, ब्रेन को भी मदद करता है, स्किन को बेटर करता है। स्किन की फ्लेवर को स्किन की जो रिंगकल होता है, उसको बंद करता है। बोन के लिए मैंने बोला बहुत बढ़िया काम करता है, तो यह समझ लीजिए टू फ़ोर इस वेरी गुड थिंग टोफू में कैलोरीज़ कितनी होती है। 100 ग्राम टोफू में करीब 76 कैलोरी होती है। टोटल फैट चार ग्राम है जो कि बहुत कम है और कोलेस्ट्रॉल है ही नहीं। बिकॉज़ ऐनिमल प्रॉडक्ट नहीं है। इसमें सोडियम होती है। इसमें कार्ड सिर्फ दो ग्राम होती है। पोटैशियम बहुत होती है।

प्रोटीन अच्छा सोर्स है, आठ ग्राम प्रोटीन है और 80-90 परसेंट मौस चक्र होती है। तो ये टोफू के बारे में आज आपको हमने बताया। टोफू बहुत फायदे की चीज़ है और इसको आप जरूर इस्तेमाल में ले सकते हैं। दोस्तों मेरा नाम डॉक्टर विमल चार्जर है। आपको बताया मैंने हार्ट के बारे में बहुत सारी डिटेल आपको हम बताते रहते हैं और वो हट के पेशेंट्स के लिए बहुत ही अच्छा काम का चीज़ है और वो हार्ट की बिमारी को प्रिवेंट भी कर सकता है और रोक भी सकता है और रिवर्स भी कर सकता है। तो हमारे पूरे इंडिया भर में हार्ट की क्लिनिक चलते जहाँ पर बिना बाईपास बिना जो प्लास्टिक का ट्रीटमेंट करते हैं तो आपको लगे कि कोई भी हर्ट का पेशंट है। जीसको इन्फॉर्मेशन चाहिए, आप जरूर हमारे मोस्ट पॉपुलर वीडियो करके है, उसको आप जरूर भेजिये, थैंक यू सो मच 

 

17/11/202

প্রতিদিন টফু খান, হৃদরোগের ঝুঁকি কমবে। 
বন্ধুরা, আজ আমি আপনাদের টোফু সম্পর্কে বলতে যাচ্ছি, এই তোফু কি? একে সয়া পনিরও বলা হয়। আমরা একে সয়া কার্ডও বলি। সয়া মিল্ক: আপনি কি জানেন যে আজকাল অনেকেই সয়া দুধের দিকে ঝুঁকছেন? যা সাধারণত মিল করা হয় তা হল প্রাণীজ পণ্য। এতে কোলেস্টেরল রয়েছে এবং তাই আজকাল কম চর্বিযুক্ত সয়া দুধ পাওয়া যায় এবং এতে প্রচুর ক্যালসিয়াম এবং আয়রনও রয়েছে। আপনি এটিতে সয়াবিন এবং অন্যান্য অনেক স্বাদ যোগ করতে পারেন। তাই এই কারণেই এই সয়া পনিরকে টফু বলা হয়। আজকাল, কিছু লোক বেগুনকে নিরামিষ নয়, নিরামিষ হিসাবে বিবেচনা করে। এমনকি আপনার দুধের আইটেমও নেবেন না। আপনি যদি নিরামিষভোজী হন বা আপনি দুধ ত্যাগ করতে চান, তাহলে তাদের জন্যও তোফু প্রোটিনের একটি ভালো উৎস। সুতরাং, আপনি যদি নিরামিষভোজী হন বা দুধ ত্যাগ করতে চান, তাহলে সয়া থেকে তৈরি পনির, যাকে টফু বলা হয়, খুব ভালো। এটা একটা জিনিস। তোফু দেখতে পনিরের মতো।আপনি ছোট ছোট টুকরো করে টুফু কারিও তৈরি করতে পারেন এবং আমরা তাদের অনেকগুলি দেখিয়েছি। ঠিক আছে, কীভাবে ফুকো তৈরি করা যায়, তবে টফুর জন্য, প্রথমে আমরা সয়া দুধ নিই এবং এটি পর্যবেক্ষণ করার পরে, এতে একটি রাসায়নিক যোগ করা হয়। সে তাকে চুদতো। একে বলা হয় কাডলিং এজেন্ট। যেমন আমরা যখন দুধ তৈরি করি না, আমরা এটি যোগ করি। কার্লিং এজেন্টে শুধু একটু পুরানো দই যোগ করুন। এর মধ্যে জমসা ইত্যাদি নেই। সেই নিগারি আসে সমুদ্রের জল থেকে। সমুদ্রের পানি থেকে লবণ বের করে যা অবশিষ্ট থাকে তা ব্যবহার করা হয় এবং দেওয়ার পর তা দ্রবীভূত হয়ে যায় এবং তারপর সেখান থেকে পানি বের করে যত খুশি শক্ত করা যায়। তাই এই টফু আজকাল বেশ জনপ্রিয়। এটি দেখতে পনিরের মতো, পনিরের মতো খায় এবং আপনি এটিতে স্বাদ যোগ করতে পারেন এবং এটিকে আপনার পছন্দ মতো শক্ত করতে পারেন। এটি সবজি অনুযায়ী খাবারে ব্যবহার করা যেতে পারে। আপনি এটির স্লাইস তৈরি করে পনিরের মতো খেতে পারেন।সয়া পনিরের অনেক উপকারিতা রয়েছে এবং আমি আপনাকে সেগুলি সম্পর্কে বলতে যাচ্ছি।
এর উপকারিতা কি?আপনি এটি ভাপে, বেকিং, রোস্টিং ইত্যাদি করে খেতে পারেন। হৃদরোগের জন্য সবচেয়ে বড় সুবিধা হল করোনারি হৃদরোগের জন্য কারণ এতে ইস্ট্রোজেন রয়েছে এবং এটি হার্টের সমস্যা কমায়, তাই এটি মনে রাখবেন এবং এটি রক্তনালীতে জমে থাকা কোলেস্টেরলকেও কমায়। গবেষণায় দেখা গেছে যে কেউ যদি সারাদিনে 10টি অর্থাৎ প্রায় 250 গ্রাম পনির তোফু খান তবে এটি 5% এলডিএল কোলেস্টেরল কমিয়ে দেয়, যা অস্টিওপোরোসিসের জন্য খুব ভাল কারণ এতে ক্যালসিয়াম রয়েছে এবং এতে ভিটামিন ডিও রয়েছে। এটি হাড়ের জন্য খুব উপকারী। স্বাস্থ্য যদি কোন প্রোস্টেট ক্যান্সার ইত্যাদি থাকে তাহলে তাতেও টফু অনেক কাজ করে এবং ক্যান্সার প্রতিরোধে কাজ করে। এছাড়াও স্মৃতি মস্তিষ্ককে সাহায্য করে, স্মৃতিশক্তি উন্নত করে, মস্তিষ্ককেও সাহায্য করে, ত্বকের উন্নতি করে।ত্বকের ফ্লেভার ত্বকের বলিরেখা রোধ করে। আমি আপনাকে বলেছিলাম এটি হাড়ের জন্য খুব ভাল কাজ করে, তাই বুঝুন টু ফোর দিস ভেরি গুড থিং টফুতে কত ক্যালরি আছে। 100 গ্রাম টফুতে প্রায় 76 ক্যালোরি রয়েছে। মোট চর্বি চার গ্রাম যা খুবই কম এবং কোলেস্টেরল নেই। কারণ এটি প্রাণীজ পণ্য নয়। এতে সোডিয়াম রয়েছে। এতে কার্ডটি মাত্র দুই গ্রাম। প্রচুর পটাশিয়াম আছে। প্রোটিন একটি ভাল উৎস, আট গ্রাম প্রোটিন এবং পেশী চক্রের 80-90 শতাংশ। তাই আজকে আমরা আপনাকে টফু সম্পর্কে বললাম। তোফু খুবই উপকারী এবং আপনি অবশ্যই এটি ব্যবহার করতে পারেন। বন্ধুরা, আমার নাম ডাক্তার বিমল চার্জার। আমি আপনাকে বলেছিলাম যে আমরা আপনাকে হৃদরোগ সম্পর্কে অনেক বিস্তারিত বলে থাকি এবং এটি হৃদরোগীদের জন্য খুবই উপকারী এবং এটি হৃদরোগ প্রতিরোধ, বন্ধ এবং এমনকি বিপরীত করতে পারে। তাই আমাদের সারা ভারতে হার্ট ক্লিনিক রয়েছে যেখানে তারা বাইপাস ছাড়া এবং প্লাস্টিক সার্জারি ছাড়াই চিকিৎসা প্রদান করে, তাই আপনি অনুভব করবেন যে কেউ একজন হার্টের রোগী।যার তথ্য প্রয়োজন, আপনি অবশ্যই আমাদের সবচেয়ে জনপ্রিয় ভিডিওটি দেখুন এবং পাঠান, আপনাকে অনেক ধন্যবাদ।

 

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इन 5 वेजिटेरियन चीज़ो में है मीट और अंडे जैसे प्रोटीन।

दोस्तों, आपको मालूम है वेजिटेरिअन जो सोर्स होता है प्रोटीन का वो सबसे बढ़िया होता है। मीट की सोर्स में कोलेस्ट्रॉल आती है और मीट से बहुत सारे टॉक्सिक मटीरियल जाती है, जिससे कैन्सर होती है। तो आज कल जो वेजिटेरिअन सोर्स और प्रोटीन है दिस बिकम्स वेरी इम्पोर्टेन्ट सोचते प्रोटीन की इस काम में आती है आपको मालूम है हमारा मेन कम्पोनेन्ट होता है मसल्स का प्रोटीन स्कीम का प्रोटीन इंटरनल ऑर्गन्स, हार्ट, ब्रेन सब में प्रोटीन होता है। हमारे में, हमारे हेर में, हमारे नेल्स में सब में प्रोटीन होता है। हमारे जो इम्यून सिस्टम है जो एंटीबॉडीज़ है, वो सारे प्रोटीन होती है जो हमारी ब्लड शुगर रेग्युलेशन होता है वो भी प्रोटीन से होता है। हमारी जो एनर्जी का फंक्शन है वो भी प्रोटीन से काफी होती है। अच्छा प्रोटीन बना किस्से होता है अमीनो एसिड से 22 तरह के अमीनो एसिड से, जो प्रोटीन के ब्लॉक्स माने जाते हैं और इनमें से नौ ऐसे अमीनो एसिड जो हमारी बॉडी में बनती नहीं है, बाहर से सप्लाई करनी पड़ती है। ऐनिमल प्रोटीन में वो सारे अमीनो एसिड होती है। पर हम लोग अगर दालों को चेंज कर कर के ले तो हमारी प्रोटीन की पूरी हो जाती है अमीनो ऐसिड्स और याद रखें इसके संकोच विटामिन, मिनरल, जिंक, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स ये सारा कर लेते हैं तअमीनो एसिड का जो कमी होती है वो भी थोड़ा बहुत बुरा हो सकता है। अच्छा हाइ प्रोटीन फूड्स प्लांट से कौन से कौन से में आएगा ये आपको जानना जरूरी है क्योंकि हम चाहते हैं की जो नॉनवेज फूड है उसकी कोलेस्ट्रॉल अवॉर्ड हो जाए तो क्या क्या पांच खाने है जिससे बहुत ज्यादा प्रोटीन मिल सकता है? एक है किनुआ एक इनोवा आजकल बहुत कॉमन हो गई है और ये आजकल में चार ग्राम के करीब प्रोटीन होती है। ये एक दलिया जैसे चीज़ होता है और इसको काफी रोटी खाया जाता है कि इन वाकी दलिया खाया जाता है। ये बहुत काम की चीज़ है। इसमें अच्छे कार्बोहाइड्रेट होती है। इसमें फाइबर होती है और ये राइस के जैसे देखने में ही होती है। अच्छा दालों में बहुत प्रोटीन होती है। याद रखेगा दाल में कोई भी तरह की दाल हो, चाहे बीन्स हो, पीस हो, चाहे लेन्टिल सहो कोई भी फैट इसमें सब में एक ही अच्छी बात है। सब में फाइबर ज्यादा होता है, प्रोटीन ज्यादा होती है, फैट कम होती है तो इसलिए आपको कौनसा कौनसा चीज़ लेनी है? दालें जीतने तरह के दाल हैं, चाहे हरी हो, चाहे ग्रीन, चाहे वो पिंक कलर का हो, चाहे रेड कलर का हो। इसमें सब में आठ से नौ ग्राम प्रोटीन होती है। छोले में सात ग्राम प्रोटीन होती है। जो समय की दालें होती है उसमें सात ग्राम प्रोटीन होती है। 100 ग्राम में जीतने तरह के बीन्स है। चाहे वो ब्लैक कलर का हो, चाहे पिंटू बीम हो, चाहे किडनी बीन्स हो, यह जीतने तरह की किडनी से पिन बीन्स होती है।

इनमें भी सात से 10 ग्राम प्रोटीन होती है। तीसरा टोफू टोफू क्या चीज़ है? आपको मालूम है ना? सोयाबीन का जो दूध होता है उससे बनाया जाता है पनीर और उसको बोलते हैं। टोफू देखने एकदम पनीर के जितना होता है और इसमे काफी अच्छी प्रोटीन के सोर्स होती है। अच्छा कुट्टू का आटा भी बहुत अच्छी प्रोटीन का सोर्स होता है। इसमें करीब पांच ग्राम आजकल कुट्टू का आटा लोग खाते हैं। जीसको हम लोग बोलते है और ये बहुत सारी चीजों में आजकल यूज़ होने लग गया। फ्लेक्स के हिसाब से पास्ता में फ्लॉवर्स में पांचवां चीज़ जो उसमें हाई प्रोटीन है वो है वोट्स। आजकल वोट्स बहुत चल रहे है। आपको मालूम है ओट्स में फाइबर बहुत होता है और इसमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होता है।

कोर्स में 10 ग्राम प्रोटीन होती है और दूसरे तरह के ग्रेन्स में भी प्रोटीन होती है। जिसमे आप समझ लीजिये कोई भी तरह की जो हम लोग के चोलाई है या ज्वार हैं, इनमें भी काफी प्रोटीन होती है तो ये भी ले सकते हैं। कुछ वेजिटेबल्स में अच्छा खासा प्रोटीन होता है। ये हो गया सतावर जिसका अस्पैरगस बोलते है। इसमें दो ग्राम प्रोटीन होता है। ब्रोकली में भी और ब्रसल स्प्राउट छोटी वाली जो पत्ता गोभी होता है, उसमें दो ग्राम होती है। प्रोटीन कॉलीफ्लॉवर में भी डेढ़ ग्राम प्रोटीन होती है जो कि फूल गोभी हैं। अच्छा भुट्टा में भी दो ग्राम होती है तो यह सबसे प्रोटीन आपको मिल जाती है। दोस्तों प्रोटीन आपके बॉडी में जरूरत है पर बहुत एक्सपेंसिव नहीं चाहिए।

और दाल को आप कोशिश करिए, घूमा घूमा के खाया जाए तो आपके प्रोटीन की रिकवरी पूरी हो जाती है। बहुत सारे लोगों को होता है की सर नॉन वेज नहीं खाएंगे तो प्रोटीन कहाँ से आएगा? वेजिटेरियन सोर्स प्रोटीन का बहुत है और सबसे बढ़िया है दोस्तों। मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। हट के बारे में आपको हम लोग एजुकेट करते हैं। हट के बारे में कैसे करके हार्ट की बिमारी को हम रिवर्स करते हैं, उसके बारे में आपको हम बताते रहते हैं और ऐसे हॉबी में बहुत सारी हेल्थ के ऊपर आपको टॉपिक पे बोलता हूँ। उसको आप सुनते जाइए और आगे लोगों को फॉर्वर्ड कीजिये। हेल्थ के बारे में फॉर्मल एजुकेशन इंडिया में नहीं होती है। आम लोगों के लिए डॉक्टर्स को सिखाया जाता है पर डॉक्टर्स पेशंट को बताने तैयार नहीं है तो मेरे को लगता है बताना ज़रूरी है तो प्रोटीन जरूर खाइए। आपकी बॉडी के हर ऑर्गन को जरूरत है।

14/11/2023 

এই 5টি নিরামিষ জিনিসে মাংস এবং ডিমের মতো প্রোটিন থাকে। 
বন্ধুরা, আপনারা জানেন যে প্রোটিনের উৎস নিরামিষ। মাংস কোলেস্টেরলের উৎস এবং মাংসে অনেক বিষাক্ত উপাদান থাকে, যা ক্যান্সার সৃষ্টি করে। তাই আজকাল, নিরামিষ উত্স এবং প্রোটিন খুব গুরুত্বপূর্ণ হয়ে উঠেছে। আপনি জানেন যে এই উদ্দেশ্যে প্রোটিন ব্যবহার করা হয়। আপনি জানেন যে আমাদের প্রধান উপাদান হল পেশীর প্রোটিন, স্কিমের প্রোটিন, অভ্যন্তরীণ অঙ্গ, হৃদয়, মস্তিষ্ক সবই আছে প্রোটিন আমরা, আমাদের চুল, আমাদের নখ সব প্রোটিন আছে. আমাদের ইমিউন সিস্টেম, আমাদের অ্যান্টিবডি, সবই প্রোটিন দিয়ে তৈরি এবং আমাদের রক্তে শর্করার নিয়ন্ত্রণও প্রোটিন দিয়ে তৈরি। আমাদের শক্তি ফাংশনও মূলত প্রোটিনের উপর নির্ভরশীল। অ্যামাইনো অ্যাসিড থেকে ভালো প্রোটিন তৈরি হয়। ২২ ধরনের অ্যামিনো অ্যাসিড আছে, যেগুলো প্রোটিনের ব্লক হিসেবে বিবেচিত হয় এবং এর মধ্যে নয়টি অ্যামাইনো অ্যাসিড যা আমাদের শরীরে তৈরি হয় না, বাইরে থেকে সরবরাহ করতে হয়।প্রাণীর প্রোটিনে সেই সমস্ত অ্যামিনো অ্যাসিড থাকে। কিন্তু আমরা যদি এগুলো পরিবর্তন করে ডাল গ্রহণ করি, তাহলে আমাদের প্রোটিনের চাহিদা পূরণ হয় অ্যামিনো অ্যাসিড দ্বারা এবং মনে রাখবেন ভিটামিন, মিনারেল, জিঙ্ক, ভিটামিন বি কমপ্লেক্স এই সব করে এবং অ্যামাইনো অ্যাসিডের ঘাটতিও কিছুটা পূরণ হয়, এটি খুব খারাপ হতে পারে। আচ্ছা, আপনার জন্য এটা জানা জরুরী যে কোন উচ্চ প্রোটিন জাতীয় খাবার উদ্ভিদ থেকে আসবে কারণ আমরা চাই যে আমিষ জাতীয় খাবারের কোলেস্টেরল কমাতে চাই, তাহলে সেই পাঁচটি খাবার কী কী যেগুলো প্রচুর প্রোটিন দিতে পারে? একটি হল কুইনোয়া, যা আজকাল খুব সাধারণ হয়ে উঠেছে এবং এতে প্রায় চার গ্রাম প্রোটিন রয়েছে। এটি একটি দইয়ের মতো জিনিস এবং রুটির সাথে খাওয়া হয়, যা দইয়ের মতো। এটি একটি খুব দরকারী জিনিস. এতে ভালো কার্বোহাইড্রেট থাকে। এতে ফাইবার রয়েছে এবং দেখতে ভাতের মতোই। ঠিক আছে, ডালে প্রচুর প্রোটিন থাকে। মনে রাখবেন ডালে যে ধরনের ডালই থাকুক না কেন, তা ডাল, ডাল, মসুর বা যে কোনো ধরনের চর্বিই হোক না কেন, তাতে একটাই ভালো জিনিস আছে। সব কিছুতেই বেশি ফাইবার আছে, প্রোটিন বেশি এবং চর্বি কম, তাই কোন জিনিস গ্রহণ করা উচিত? সবুজ, গোলাপী বা লাল বিভিন্ন ধরনের ডাল আছে। এতে আট থেকে নয় গ্রাম প্রোটিন থাকে। ছোলায় সাত গ্রাম প্রোটিন থাকে। সময়ের ডালে সাত গ্রাম প্রোটিন থাকে। শিমের বিজয়ী জাতটি 100 গ্রাম। এটি কালো রঙের হোক না কেন, এটি পিন্টো বিন বা কিডনি বিনই হোক না কেন, এটি কিডনির বিজয়ী ধরণের থেকে পিন বিনস। এর মধ্যে সাত থেকে ১০ গ্রাম প্রোটিনও থাকে।

 তৃতীয় তোফু তোফু কি? আপনি ঠিক জানেন? সয়াবিন থেকে উৎপাদিত দুধকে পনির তৈরি করা হয় এবং একে পনির বলা হয়। তোফু দেখতে হুবহু পনিরের মতো এবং প্রোটিনের খুব ভালো উৎস। ভাল বাকউইট ময়দা প্রোটিনের একটি খুব ভাল উত্স।আজকাল মানুষ প্রায় পাঁচ গ্রাম বকের আটা খায়। যাকে আমরা বলি এবং এটি আজকাল অনেক কিছুতে ব্যবহৃত হতে শুরু করেছে। ফ্লেক্স অনুসারে, পাস্তার ফুলের মধ্যে পঞ্চম জিনিস যা প্রোটিন বেশি থাকে তা হল ভোট। এই দিনগুলোতে প্রচুর ভোট হচ্ছে। আপনি জানেন যে ওটস ফাইবার সমৃদ্ধ এবং জটিল কার্বোহাইড্রেট ধারণ করে।
কোর্সটিতে 10 গ্রাম প্রোটিন থাকে এবং অন্যান্য ধরণের শস্যেও প্রোটিন থাকে। যার মধ্যে আপনি বুঝতে পেরেছেন যে আমাদের যে কোনও ধরণের ভাত যেমন চোলি বা জোয়ার, এতেও প্রচুর প্রোটিন থাকে, তাই আমরা এটিও নিতে পারি। কিছু সবজিতে ভালো পরিমাণে প্রোটিন থাকে। এটি সাতাভার যাকে অ্যাসপারাগাস বলা হয়। এতে দুই গ্রাম প্রোটিন থাকে। এমনকি ব্রোকলি এবং ব্রাসেলস স্প্রাউটের মতো ছোট বাঁধাকপিতেও দুই গ্রাম থাকে। প্রোটিন ফুলকপিতেও দেড় গ্রাম প্রোটিন থাকে যা ফুলকপি। ওয়েল, ভুট্টা এছাড়াও দুই গ্রাম রয়েছে, তাই এটি আপনি পেতে সর্বোচ্চ প্রোটিন. বন্ধুরা, আপনার শরীরে প্রোটিনের প্রয়োজন কিন্তু খুব বেশি দামি হওয়া উচিত নয়। 
এবং আপনি যদি চেষ্টা করেন, যদি আপনি ডাল  ঘোরানোর পরে খান তবে আপনার প্রোটিন পুনরুদ্ধার সম্পূর্ণ হবে। অনেকেই মনে করেন, আপনি যদি আমিষ না খান, তাহলে প্রোটিন আসবে কোথা থেকে? নিরামিষ উত্স প্রোটিন সমৃদ্ধ এবং সেরা, বন্ধুরা. আমার নাম ডাঃ বিমল ছজেদ। আমরা কুঁড়েঘর সম্পর্কে আপনাকে শিক্ষিত. কুঁড়েঘর করে আমরা কিভাবে হৃদরোগ প্রতিহত করব, আমরা আপনাকে এটি সম্পর্কে বলতে থাকি এবং এমন একটি শখের বশে আমি আপনার সাথে স্বাস্থ্য সম্পর্কিত অনেক বিষয়ে কথা বলি। এটি শুনতে থাকুন এবং এটি অন্য লোকেদের কাছে ফরোয়ার্ড করুন। ভারতে স্বাস্থ্য সম্পর্কে কোন আনুষ্ঠানিক শিক্ষা নেই। সাধারণ মানুষের জন্য ডাক্তারদের শেখানো হয় কিন্তু ডাক্তাররা রোগীদের বলতে প্রস্তুত নন, তাই আমার মনে হয় যদি বলা জরুরী হয় তবে অবশ্যই প্রোটিন খান। আপনার শরীরের প্রতিটি অঙ্গ এটি প্রয়োজন.

 

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पेट की गंदगी को नैचुरली बहार निकल दें

दोस्तों हमलोग जो भी खाना खाते है वो पहले पेट में जाता है पेट से होकर इंटेस्टिन में जाता है और इंटेस्टिन को हमलोग कोलोन बोलते है, ये इंटेस्टिन में बहुत कचरा जम जाता है इसको कोलिटीज़ बोलते है इससे बहुत सारा जर्म्स बनता है जिससे लैटरीन भी ढंग से साफ़ नहीं हो पाता ये सब एक इशारा है की आपका इंटेस्टिने ठीक नहीं है आप अगर इंटेस्टिन को हेल्दी रखना चाहते है तो आपको इंटेस्टिनल डीटॉक्स आज आपको बताने वाले हु कैसे करके आप इंटेस्टिन को डेटॉक्स करे हफ्ते में एक बार भी कर सकते है और जिनको तकलीफ है वो हफ्ते में दो बहार भी कार सकते है और इसको आप जरूर करिये ये साड़ी चीज़े बहुत फायदे की चीज़ है, पहला आप जिस दिन ये डेटॉक्स करना चाहते है उस दिन आप बहुत सारा पानी पीजिये उससे क्या होगा हमारे बॉडी में जितना भी पानी का कमी है वो पूरा हो जायेगा, और अगर पानी थोड़ा सा हल्का गरम हो तो और अच्छा होता है, आप नमक के साथ भी पानी पी सकते है दो चमच भर के नमक या पिंक साल्ट जो बोलते है उसको गरम पानी में दाल के आप खली पेट पीयेंगे तो आपका इंटेस्टिन क्लीन हो जायेगा।   इसके साथ ही आप बहुत सारे फ्रूट्स और वेजटेबल्स ले सकते है ये वेजिटेबल क्या करता है हमारे इंटेस्टिन को बहुत सारा बल्क देता है और ये कब्जियत को दूर करता है और हमारी ओवरएक्टिव बाउल को भी ये ठीक करता है और बैक्टीरिया को भी ग्रो करवाता है जो फवौराबले बैक्टीरिया है, चौथा है निम्बू का पानी और सेहद इन दोनों को मिक्स करके अगर आप एक चमच लेते है तो ये फ़ायदा करता है थोड़ा सा नमक और इंटेस्टिन में पीते है तो ये काफी फ़ायदा करता है, अच्छा बा जूस और स्मूथी जिस दिन आप डीटॉक्स करना चाहते हो उस दिन आप सारे फ्रूट्स को मिक्स करके स्मूथी  बना लो।  अच्छा अब प्रोबिओटिक करके चीज़े होती है जिसमे बहुत सारे बैक्टीरिया होते है जैसे दही है योगर्ट है ये आप काफी तरीके से ले कस्ते है इसमें एप्पल विनेगर भी लिया जाता है इसको प्रोबिओटिक बोलै जाता है ये भी इंटेस्टिन को बहुत क्लीन करता है।  आप हर्बल टी ले सकते है जिसमे एलोवेरा भी है इसबगोल की भूसी है। आठवा है अदरक जिंजर भी हमारे इंटेस्टिन को काफी स्मूथ बना देता है एक चमच अदरक का जूस और उसमे सहेड अगर मिल जाये और इसको गरम पानी दाल के एक दो बार पी ले उससे आपका इंटेस्टिन काफी क्लियर हो जायेगा, एक बहुत अच्छा तरीका है इंटेस्टिन को क्लियर करने का वो है फास्टिंग पुरे दिन खाना नहीं कहते है और अगर खाना भी खाना है तो फ्रेश जूस और कुछ भी नहीं लीजिये वो आपके इंटेस्टिन को क्लीन करता है।  एप्पल का सिरका उसके साथ सेहद मिला के आप लीजिये ये भी नेचुरल क्लीनिंग करता है और ये बहुत फायदे की चीज़ है, आपले का सिरका आजकल हर जगह मिलने लगा है तो इसको आप जरूर ले ये आपके इंटेस्टिन को काफी फ़ायदा करेगा और ये पीने में भी बड़ा अच्छा है इसके साथ कमसे कम एक ग्लास पानी जरूर पीये, दोस्तों आप ये सारे टर्बिक जरूर उसे कीजियेगा इससे आपका इंटेस्टिन काफी क्लीन रहेगा और पेट साफ रहे कब्जियत नहीं रहे तो आप सारा दिन अच्छा महसूस करेंगे आप इसको इस्तेमाल कीजिये और इसका जो फ़ायदा है हमलोग को जरूर बताइये।   दोस्तों  मेरा नाम डॉ बिमल छाजेर आपको मालूम है में हेल्थ को लेके हमेशा आपलोग को नयी जानकारी देता रहता हु लेकिन जो मेरा मैन काम है वो है हार्ट का ईलाज करना बिना बयपास बिना NGO प्लास्टिक के हमारे 117 क्लीनिंग है आप हमसे मिल सकते है और हमारे कंसल्टेशन भी ले सकते।  THANK YOU SO MUCH 

09/11/2023

 পেটের বর্জ্য প্রাকৃতিকভাবে বের করে দেয় বন্ধুরা, আমরা যে খাবারই খাই তা প্রথমে পাকস্থলীতে যায়, তারপর পাকস্থলীর মাধ্যমে তা অন্ত্রে যায় এবং অন্ত্রকে আমরা কোলন বলে থাকি, অন্ত্রে প্রচুর আবর্জনা জমে যায়, একে বলা হয় কোলাইটিস, যার কারণে প্রচুর পরিমাণে রোগ হয়। জীবাণু তৈরি হয় যার কারণে পায়খানাও আটকে যায়।এ সবই আপনার অন্ত্রের ভাল না থাকার লক্ষণ।আপনি যদি আপনার অন্ত্রকে সুস্থ রাখতে চান, তাহলে আজ আমি আপনাদের জানাব কিভাবে আপনার অন্ত্রকে ডিটক্স করবেন।আপনি করতে পারেন। এটা এমনকি সপ্তাহে একবার এবং যাদের সমস্যা হল যে আপনি সপ্তাহে দুবারও এটি করতে পারেন এবং আপনাকে অবশ্যই এটি করতে হবে, এই সমস্ত জিনিসগুলি খুব উপকারী, প্রথমত, আপনি যেদিন এই ডিটক্স করতে চান, আপনার পান করা উচিত। প্রচুর পানি, এত পানি পান করলে আমাদের শরীরের কি হবে?পানির অভাব পূরণ হবে, আর পানি একটু গরম হলে তো আরো ভালো, লবণ দিয়েও পানি পান করতে পারেন। গরম পানিতে দুই চামচ লবণ বা গোলাপি লবণ যোগ করে পানি পান করুন, পেট ভরে পান করলে অন্ত্র পরিষ্কার হবে। এর পাশাপাশি আপনি প্রচুর ফল ও সবজি খেতে পারেন।এই সবজিটি কী করে?এটি আমাদের অন্ত্রে প্রচুর পরিমাণে যোগান দেয় এবং এটি কোষ্ঠকাঠিন্য দূর করে এবং এটি আমাদের অতি সক্রিয় বাটিও নিরাময় করে এবং ব্যাকটেরিয়াও বৃদ্ধি করে যা উপকারী। ব্যাকটেরিয়া, চতুর্থটি হলো লেবুর পানি ও মধু, এই দুটি মিশিয়ে এক চামচ করে খেলে উপকার হয়, সামান্য লবণ মিশিয়ে অন্ত্রে পান করলে খুবই উপকারী, ভালো জুস ও স্মুদি প্রতিদিন। যেদিন আপনি ডিটক্স করতে চান, সব ফল মিশিয়ে স্মুদি তৈরি করুন। আচ্ছা, এখন প্রোবায়োটিকের সাথে এমন কিছু জিনিস আছে যাতে প্রচুর ব্যাকটেরিয়া থাকে যেমন দই, দই, আপনি এটি বিভিন্ন উপায়ে নিতে পারেন, আপেল ভিনেগারও এতে নেওয়া হয়, একে প্রোবায়োটিক বলা হয়, এটি অন্ত্রকেও প্রচুর পরিস্কার করে। আপনি হার্বাল চা খেতে পারেন যাতে রয়েছে অ্যালোভেরা এবং ইসবগুলের ভুসি। অষ্টম হল আদা।আদা আমাদের অন্ত্রকেও খুব মসৃণ করে।এক চামচ আদার রস ও চিনি মিশিয়ে তাতে ডাল খাওয়ার পর কয়েকবার গরম পানি দিয়ে পান করলে আপনার অন্ত্র বেশ পরিষ্কার হয়ে যায়।আপেল সিডার ভিনেগার মধুর সাথে মিশিয়ে নিন, এটি প্রাকৃতিক পরিষ্কারও করে এবং খুব উপকারী, আজকাল আপেল সিডার ভিনেগার সর্বত্র পাওয়া যায়, তাই অবশ্যই এটি গ্রহণ করুন, এটি আপনার অন্ত্রের জন্য খুব উপকারী হবে এবং এটি পান করাও সহজ। এর সাথে অন্তত এক গ্লাস পানি পান করা খুব ভালো, বন্ধুরা, এই সব কাজ অবশ্যই করবেন, এতে আপনার অন্ত্র খুব পরিষ্কার থাকবে এবং পেট পরিষ্কার থাকবে, কোষ্ঠকাঠিন্য থাকবে না, তাহলে সারাদিন ভালো লাগবে। এটি ব্যবহার করুন এবং এর উপকারিতা কি। অনুগ্রহ করে আমাদের জানান। বন্ধুরা, আমার নাম ডাঃ বিমল ছ্যাজের, আপনারা জানেন যে আমি সবসময় আপনাদের স্বাস্থ্য সম্পর্কে নতুন নতুন তথ্য দিয়ে থাকি, কিন্তু আমার প্রধান কাজ হল হার্টের চিকিৎসা করা, বাইপাস ছাড়া, এনজিও প্লাস্টিক ছাড়া। আমাদের 117টি পরিচ্ছন্নতা রয়েছে, আপনারা আমাদের সাথে দেখা করতে পারেন। আমাদের পরামর্শ নিতে পারেন. তোমাকে অনেক ধন্যবাদ


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आँखों के रौशनी बढ़ाने के लिए डाइट में इन 5 चीज़ो को करे शामिल।

दोस्तों आप की रौशनी कम होती है, बहुत सारे लोगों को एज के संग होता है। बहुत कोई यंग लोगो को भी होता है सडनली आप अंधेरे में गए और कुछ भी नहीं दिख रहा है। फिर धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा दिखने लगा। ये होता है नाइट ब्लाइंडनेस। एनीवे मैं आपको ये बताने वाला हूँ आज आप क्या क्या खाएंगे? क्या आपकी आंख की रौशनी बढ़ जाए? आपको याद होगा बच्चों के बखत। हम लोग को माँ बाप बोला करते थे की आप एक हर दिन गाजर खाया करो। गाजर से आंख की रौशनी बढ़ती है वैसे ही आज कल हम लोग गाजर के संग ब्रोकली, ब्रसल्स और ये जो शिमला मिर्च ये स्पिनर्स मतलब हो गया।

अलग ये सब हम लोग आपको बोलते हैं। ये सारे विज़न को इम्प्रूव करता है और ये देखा गया अगर ये हर दिन एक कैरेट खाया जाए तो आंख की रौशनी काफी आगे तक ठीक रहती है और यह जीतने भी सुपर फूड्स है। जो नाम हमने बोला है ये सब मिनरल ऐंटिऑक्सिडेंट से भरा हुआ होता है। चलिए एक एक करके इनको डिस्कस करते हैं। पहला है गाजर गाजर में होता है बीटा कैरोटीन या हमारे बॉडी में विटामिन ए बनाता है और विटामिन ए आइ की हेल्थ को बहुत अच्छा लगता है। हमारे इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करता है, स्किन को हेल्दी रखता है और कैरेट्स अगर आप खाते रहोगे तो ये समझ के चलिए पर दया एक कैरेट से आपको 5000 मिलीग्राम विटामिन मिल जाता है। बेबी कैरेट्स भी खा सकते हैं और उससे भी विटामिन ये काफी हद तक मिल जाती है।
जिसका भी विज़न कम है, आप देखेंगे। कैरेट खाने के बाद यह धीरे धीरे इम्प्रूव करने लग जाता है। बीटा कैरोटीन को प्रोवाइड टामिन ये बोला जाता है और यह कलरफुल फ्रूट्स और वेजिटेबल्स में होता है। यह विटामिन ए में कन्वर्ट हो जाता है और जिसका नाम है रेटिनॉल। चलिए दूसरा हैं तीन भी एक ब्रोकली, एक ब्रसल स्प्राउट और तीसरा होता हैं बिल पे। पर जिसका नाम है शिमला मिर्च लाल वाली, पीले वाली। ये तीनों चीज़ हमारे आंख के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें विटामिन सी होती है और विटामिन सी हमारे इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट करता आपको भी करता है। इसमें बहुत पॉवरफुल ऐंटी ऑक्सिडेंट्स होते हैं जो हमारे आंख के डैमेज को बचाता है। ये जो अल्ट्रावाइलेट अरे उस से बचाता है और हमारे एज रिलेटेड जो मैक्यूलर डीजेनरेशन होता है, ग्लूकोमा होता है।
कैटरैक्ट होता है, इसको भी रोकता है ब्रोकली में विटामिन बी टू या राइबोफ्लेविन होती है, जो हमारी रेटिना में पिगमेंट होता है उसको बनाने के लिए मदद करता है। राइबोफ्लेविन डिफिशिएंसी होने से हमारी आंख सेन्सिटिव हो जाती है, फ्लेम हो जाता है और आंख में थोड़ा देखते देखते आंख में फिटिंग होने लगता है। इसलिए हम लोग बोलते है आपको ये खाना चाहिए ब्रोकली, ब्रसल स्प्राउट ये दोनों बहुत अच्छा है। तीसरा एक और चीज़ है जो हैं स्पिनर्स पालक। पालक को भी एक सुपर फूड माना जाता है और यह भी हमारे डाइट में अगर हर दिन रखते हैं। ये ग्रीन लीफी वेजीटेबल है। फुल ऑफ बीटा कैरोटीन, ऐंटीऑक्सिडेंट, विटामिन सी और ल्यूटिन होती है। ये जो ल्यूटिन होती है, ये एक ऐसी चीज़ है जो हमारे ऑक्सिडेशन को रोकती है, सनस्क्रीन के तरह काम करता है और हमारे जीतने ब्लूजो होती है, अल्ट्रावाइलेट री होती है, उसको ऐब्सॉर्ब कर लेती है और इससे आपको आग का डैमेज बहुत कम हो जाता है। और यह देखा गया आंख में, ब्रेस्ट में, स्किन में सब जगह काम करता है और यह बहुत अच्छा चीज़ है। तो दोस्तों ये सारी चीजें याद रखिए। चार पांच चीज़े हो गया, गाजर हो गई, ब्रोकली हो गया, ब्रसल्स स्प्राउट हो गया और शिमला मिर्च लाल और पीला वाला और बहुत सारे स्पिन है। ये सब आप खाते रहिये और यह आपके लिए बहुत आंख के लिए फायदा करेगा। आपका ध्यान रखिए बिकॉज़ आंख खराब हो जाये तो आगे बहुत कुछ और जिनके चश्मे के पावर बार बार पढ़ रहे हो, ये सारा खाना खाये, उससे जरूर फायदा होगा। दोस्तों मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। आप जानते हैं हार्ट का ट्रीटमेंट करते हैं। हम लोग बिना बाईपास बिना है, जो प्लास्टिक इंडिया भर में हट के पेशंट्स लोग एजुकेट करते हैं और ऐसे हॉबी मैं कुछ ना कुछ आपको भी एजुकेट करते रहता हूँ। यह विडीओ उसको आप आगे फॉर्वर्ड करते रहिये इट वर्क्स वेरी वेल।

07/11/2023 

 দৃষ্টিশক্তি বাড়াতে এই 5টি জিনিস আপনার খাদ্যতালিকায় অন্তর্ভুক্ত করুন 

বন্ধুরা, আপনার দৃষ্টিশক্তি কমে যায় এবং এটি বয়সের সাথে অনেকেরই হয়।  অনেক যুবক-যুবতীর ক্ষেত্রেও এটা ঘটে যে হঠাৎ আপনি অন্ধকারে আছেন এবং কিছুই দেখতে পাচ্ছেন না।  তারপর ধীরে ধীরে দেখা দিতে লাগল।  এই হল রাতের অন্ধ ব্রাসেলস এবং এই ক্যাপসিকাম এবং স্পিনার। আমরা আপনাকে আলাদাভাবে বলব।  এটি সব দৃষ্টিশক্তির উন্নতি ঘটায় এবং দেখা গেছে প্রতিদিন এক ক্যারেট খেলে দৃষ্টিশক্তি ও ত্বক সুস্থ থাকে আর যদি ক্যারেট খেতে থাকেন তাহলে বুঝুন কিন্তু এক ক্যারেট থেকে ৫ হাজার মিলিগ্রাম ভিটামিন পাওয়া যায়।  এছাড়াও আপনি বাচ্চা গাজর খেতে পারেন এবং তাদের থেকে ভিটামিন ওয়াই পেতে পারেন।শিশুর গাজরও খাওয়া যেতে পারে এবং এই ভিটামিনগুলি প্রচুর পরিমাণে পাওয়া যায়।

 যার দৃষ্টি কম, দেখবে।  গাজর খাওয়ার পর ধীরে ধীরে উন্নতি হতে থাকে।  বিটা ক্যারোটিনকে ভিটামিন বলা হয় এবং এটি রঙিন ফল ও সবজিতে পাওয়া যায়।  এটি ভিটামিন এ তে রূপান্তরিত হয় এবং এর নাম রেটিনল।  ভাল, দ্বিতীয়টি তিনটি, একটি ব্রোকলি, একটি ব্রাসেলস স্প্রাউট এবং তৃতীয়টি বিলে।  কিন্তু যার নাম ক্যাপসিকাম, সেই লাল, হলুদ এক।  এই তিনটি জিনিস আমাদের চোখের জন্য খুবই ভালো।  এতে রয়েছে ভিটামিন সি এবং ভিটামিন সি আমাদের রোগ প্রতিরোধ ক্ষমতাকেও সমর্থন করে।  এতে রয়েছে অত্যন্ত শক্তিশালী অ্যান্টি-অক্সিডেন্ট যা আমাদের চোখকে ক্ষতির হাত থেকে রক্ষা করে।  এটি আমাদেরকে অতিবেগুনি রশ্মি এবং আমাদের বয়স সম্পর্কিত ম্যাকুলার অবক্ষয় এবং গ্লুকোমা থেকে রক্ষা করে।

 ছানি হয়, এটি প্রতিরোধও করে।ব্রকলিতে রয়েছে ভিটামিন বি২ বা রিবোফ্লাভিন, যা আমাদের রেটিনায় পিগমেন্ট তৈরি করতে সাহায্য করে।  রাইবোফ্লাভিনের ঘাটতির কারণে আমাদের চোখ সংবেদনশীল হয়ে পড়ে, স্ফীত হয় এবং একটু তাকালেই চোখ দিয়ে পানি পড়তে থাকে।  এই কারণেই আমরা বলি যে আপনার ব্রকলি এবং ব্রাসেলস স্প্রাউট খাওয়া উচিত, উভয়ই খুব ভাল।  তৃতীয় আরেকটি জিনিস যা স্পিনার পালং শাক।  পালং শাককে একটি সুপার ফুড হিসাবেও বিবেচনা করা হয় এবং আমরা যদি এটি প্রতিদিন আমাদের ডায়েটে অন্তর্ভুক্ত করি।  এটি একটি সবুজ শাক।  বিটা ক্যারোটিন, অ্যান্টিঅক্সিডেন্ট, ভিটামিন সি এবং লুটিনে পরিপূর্ণ।এই লুটিন এমন একটি জিনিস যা আমাদের অক্সিডেশন প্রতিরোধ করে, একটি সানস্ক্রিনের মতো কাজ করে এবং আমাদের ত্বকে আসা অতিবেগুনি রশ্মি শোষণ করে এবং এটি আগুনের কারণে হওয়া ক্ষতি কমায়।  এবং দেখা গেছে যে এটি চোখ, স্তন এবং ত্বক সর্বত্র কাজ করে এবং এটি একটি খুব ভাল জিনিস।  তাই বন্ধুরা, এই সব কথা মনে রাখবেন।  চার বা পাঁচটি জিনিস আছে, এটা গাজর, এটা ব্রোকলি, এটা ব্রাসেলস স্প্রাউট এবং এটা ক্যাপসিকাম, এটা লাল এবং হলুদ এবং অনেক স্পিন আছে।  এই সব খেতে থাকুন এবং এটি আপনার চোখের জন্য খুব উপকারী হবে।  নিজের যত্ন নিন কারণ আপনার চোখ নষ্ট হয়ে গেলে এই সব খাবার খান, অবশ্যই উপকার হবে।  বন্ধুরা, আমার নাম ডাঃ বিমল ছজেদ।  আপনি জানেন, হৃদয়ের চিকিৎসা করুন।  আমরা বাইপাস ছাড়া মানুষ যারা প্লাস্টিক ভারত জুড়ে রোগীদের শিক্ষিত করি এবং এই শখের মাধ্যমে, আমি আপনাকেও কোনো না কোনোভাবে শিক্ষিত করি।  তার কাছে এই ভিডিওটি ফরোয়ার্ড করতে থাকুন, এটি খুব ভাল কাজ করে।


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इन दो कारणों की वजह से युवाओं में बढ़े हार्ट अटैक के मामले।

दोस्तों यंग लोगों में हार्ट अटैक क्यों हो रहा है? ये क्वेश्चन हर दिन मेरे पास आती है की ऐसी क्या बात हो गयी की यंग लोगो को ही हार्ट अटैक हो रहा है इसमें तो दोस्तों इसके लिए मैं आपको बताने वाला हूँ ये हार्ट अटैक का पहले तो मतलब क्या है? हमारे मेडिकल भाषा में बोलते हैं। ऐक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन हार्ट अटैक का दूसरा नाम है। इसको एक तरफ से बोलते हैं प्लेक रप्चर मतलब ब्लॉकेज जो कि फैट से बना होता है और यह ब्लॉकेज बढ़ती जाती है तो 1 दिन प्लेक रप्चर कर जाता है। बस कट जाता है और वहाँ पर एक लौट आती है और हार्ट अटैक हो जाता है। 100% टॉप होती है।

जिससे हार्ट का एक हिस्सा डेड हो जाता है। इसको बोलते हैं हार्ट अटैक, ये देखा गया पिछले कुछ दिनों में पहले एक ज़माना था जब 4050 में हार्ट अटैक हम लोग सुनते ही नहीं थे। आज कल 2030 में हार्ट अटैक सुनने लग गए तो ये जो उम्र कम होता जा रहा है यह देखा गया है की यंग लोगो को हार्ट अटैक ज्यादा होने लगी। हर साल दो 2% बढ़ रहे हैं। यंग लोगों की हार्ट अटैक इन्डिया 10 साल पहले इंडिया में 10 साल पहले लोगों को हार्ट अटैक होती है। कंपेर्ड टु मोस्ट ऑफ द वेस्टर्न सोसाइटी तो ये क्या कारण हो सकता है इसको आज आपको बताने वाला हो। पहला है पुअर लाइफ स्टाइल रूटीन, जिसमें एक्सेसिव स्ट्रेस है। एक्सेसिव डरिन किन गेंद स्मोकिंग है, ओवर वेट हैं ये तीन तो समझ लो जिनकी भी हार्ट अटैक होती है।
उनका बहुत कॉमन है और आज कल ब्लड प्रेशर में उस दिन 17 साल का लड़का ब्लड प्रेशर वाला देख के आये ओवर ओवर वेट स्ट्रेस ब्लड प्रैशर अच्छा उसके साथ डाइअबीटीज़ और ऐक्टिविटी नहीं होना। यह पांच छह कारण है जो बहुत कॉमन ली हो रही है और इसी का ही हार्ट अटैक का मेन रिश्ता होता है और ये जो कॉमन चीज़ है उसमें क्या? क्या अगर हार्ट अटैक हो तो क्या तकलीफ होती है? सर? चक्कर आने लगता है, पेन्टिंग होता है, लोगों को लगता है कि मेरे को पसीना पसीना आ रहा है और नीजी नेस होती है और यह सब साइन होती है कि हार्ट अटैक हो रहा है और ये अगर साइन है तो आप ये समझ लीजिये यंग आदमी को इमीडियेटली हॉस्पिटल ले जाना चाहिए, हर्ट अटैक ना हो उसके लिए क्या करना चाहिए?
रूटीन में डालना पड़ेगा उनको फैट कम खिलाना पड़ेगा। उनकी स्मोकिंग अगर है तो बंद करना पड़ेगा और उनको लाइफ में रिदम डालना पड़ेगा। आज कल क्या कॉम्पिटिशन का ज़माना, रेट रेस का ज़माना हर कोई आगे दूसरे से बढ़ना चाहता है और इसी चक्कर में बहुत ज्यादा स्ट्रेस हो रही है लोगों की और स्ट्रेस के संग फिर स्मोकिंग और अल्कोहल ओवर वेट और एक्सरसाइज नहीं होना, ये सब की कॉम्बिनेशन एक हो गया डेडली कॉम्बिनेशन जीसको हम बोल सकते हैं पांच सात चीजें एक साथ हो जाना और यही कारण है इन्हीं को हार्ट अटैक सबसे पहले होती है और दूर से नहीं पता चलता। लगता है उनकी लाइफ कितनी अच्छी है पर अंदर वो लोग हर वक्त कन्टिन्यूअस प्रेशर में होते हैं। एक और बड़ा कारण है यंग लोगो को हार्ट अटैक होने का वो है जेनेटिक टिक्का। क्या मतलब है उनकी फैमिली के तरफ से? उनकी कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा रह रही है यानी की खाने में कोलेस्ट्रॉल नहीं आ रहा है। नहीं आ रहा है। ये फैमिली हाईपरकोलेस्ट्रोलेमिया या हाइपरलिंक बोला जाता है। इसमें क्या होता है की आपकी लिवर कोलेस्ट्रॉल डबल बना रही है और ऐसे लोगों को ये देखा गया इंडिया में करीब एट 7% लोग हैं जिनके ये दोनों जेनेटिकली हाइ है और अगर हाइ है तो उसको हम लोग को कंट्रोल करना जरूरत है। तो आप कोई भी यंग आदमी जिनका लाइफ स्टाइल खराब है, आप उनको जरूर बोलिये। आप लिपिड प्रोफाइल कराओ। स्पेशियली अगर उनकी फैमिली में कोई भी हार्ट के पेशेंट है चाचा की तरफ से माँ की तरफ से या कोई भी इमिडिएट कज़न्स लोगो के तरफ से अगर कोई को हार्ट अटैक हुआ है, हार्ट की बिमारी हुई है तो यह जेनेटिक होने के पूरे चान्सेस है। दोस्तों यहाँ पे मैं आज रोक रहा हूँ पर ये बिमारी कोई बिना कारण के नहीं होती। हमें मालूम होना चाहिए बिमारी के कारण और उसको ना हो उसका बंदोबस्त। आज इंडिया में हम लोग एक ऐसी मूवमेंट चला रहे हैं कि हर आदमी तक हम एजुकेशन पहुंचायें और इंडिया में हार्ट की बिमारी ना हो, इसका पूरा बंदोबस्त करे। हम लोग 800 डिस्ट्रिक्ट में फैलने की बात सोच रहे हैं। हर जगह जाकर लोगों को समझाना पड़ेगा। बिमारी के कारण यह सेल्फ मेड बिमारी है, गॉड ने नहीं बनाया है। हम खुद अपनी लाइफ स्टाइल को खराब करके हटके बिमारी बना रहे हैं।
 
 
और आज मेजर बिमारी हो गई है और हर कोई उससे डरता है क्योंकि बिना वॉर्निंग के हार्ट अटैक होती है तो दोस्तों आज यही पे रुकता हूँ। मेरा नाम डॉक्टर विमल छाजेड़ है। आपको मालूम है हट के बारे में हम लोग एजुकेट करते हैं लोगों को और इंडिया भर में हमारे करीब 117 सेंटर है जहा पे हम लोग हट के पेशेंट्स को बिना बाईपास बिना एनजीओ प्लास्टिक ट्रीटमेंट करते हैं। थैंक यू सो मच।
 

06/11/2023 

 এই দুটি কারণে তরুণদের মধ্যে হার্ট অ্যাটাকের ঘটনা বেড়েছে।

 বন্ধুরা, তরুণদের হার্ট অ্যাটাক কেন হচ্ছে? এই প্রশ্নটা প্রতিদিন আমার মনে আসে যে এমন কি হয়েছে যে শুধু অল্পবয়সীরা হার্ট অ্যাটাক করছে, তাই বন্ধুরা, এর জন্য আমি আপনাকে প্রথমে বলতে যাচ্ছি, হার্ট অ্যাটাক মানে কী? আমাদের মেডিকেল ভাষায় কথা বলুন। হার্ট অ্যাটাকের অপর নাম অ্যাকিউট মায়োকার্ডিয়াল ইনফার্কশন। একদিক থেকে একে প্লাক ফাটল বলা হয় অর্থাৎ ব্লকেজ যা চর্বি দিয়ে তৈরি এবং এই ব্লকেজ বাড়লে একদিনেই প্লেক ফেটে যায়। বাসটি কেটে যায় এবং সেখানে একজন ফিরে আসে এবং তার হার্ট অ্যাটাক হয়। 100% শীর্ষে।

যার কারণে হৃৎপিণ্ডের একটি অংশ মৃত হয়ে যায়। একে বলে হার্ট অ্যাটাক, গত কয়েকদিনে দেখা যাচ্ছে আগে এমন একটা সময় ছিল যখন আমরা 4050 সালেও হার্ট অ্যাটাকের কথা শুনিনি। আজকাল, যখন আমরা 2030 সালে হার্ট অ্যাটাকের কথা শুনতে শুরু করি, বয়স কমছে এবং দেখা গেছে যে তরুণরা বেশি হার্ট অ্যাটাক করছে। দুটি প্রতি বছর 2% বৃদ্ধি পাচ্ছে। 10 বছর আগে ভারতে তরুণদের হার্ট অ্যাটাক হয়েছিল৷ 10 বছর আগে ভারতে লোকেদের হার্ট অ্যাটাক হয়েছিল৷ বেশিরভাগ পশ্চিমা সমাজের তুলনায়, আজ আমি আপনাকে বলতে যাচ্ছি এর কারণ কী হতে পারে। প্রথমটি হল দরিদ্র লাইফস্টাইল রুটিন, যার অত্যধিক চাপ রয়েছে। কে আক্রমণাত্মক প্রিয়তম, কে ধূমপান করে, কার ওজন বেশি, তাহলে বুঝবেন এই তিনজনেরও হার্ট অ্যাটাক হয়েছে।

তাদের খুব সাধারণ এবং আজকাল রক্তচাপ আছে, সেদিন দেখলাম ১৭ বছরের এক ছেলের রক্তচাপ, ওজন বেশি, স্ট্রেস, ব্লাড প্রেসার, ভালো, ডায়াবেটিস এবং তার সাথে কোনো কার্যকলাপ নেই। এই পাঁচ বা ছয়টি কারণ যা খুব সাধারণ হয়ে উঠছে এবং এটিই হার্ট অ্যাটাকের প্রধান কারণ।আর এই সাধারণ জিনিসটি কী? হার্ট অ্যাটাক হলে কী ব্যথা হয়? স্যার? আমি মাথা ঘোরা, হাঁপাতে শুরু করি, লোকেরা মনে করে যে আমি ঘামছি এবং একটি নার্ভাসনেস আছে এবং এই সমস্ত লক্ষণ যে হার্ট অ্যাটাক হচ্ছে এবং যদি এটি একটি লক্ষণ হয় তবে আপনার এটি বোঝা উচিত, যুবক, হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া উচিত অবিলম্বে, হার্ট অ্যাটাক প্রতিরোধে কি করা উচিত? 

তাদের একটি রুটিনে রাখতে হবে এবং কম চর্বি খাওয়াতে হবে। যদি তারা ধূমপান করে তবে তাদের থামাতে হবে এবং তাদের জীবনে একটি ছন্দ লাগাতে হবে। আজকাল, এটা প্রতিযোগিতার সময়, হারের দৌড়, সবাই অন্যদের থেকে এগিয়ে থাকতে চায় এবং এই কারণে, মানুষ অনেক বেশি চাপে পড়ছে এবং সেই সাথে মানসিক চাপ, ধূমপান, অ্যালকোহল, অতিরিক্ত ওজন এবং ব্যায়ামের অভাব, এই সবই একটি এটি একটি মারাত্মক সংমিশ্রণে পরিণত হয়েছে, যাকে আমরা বলতে পারি পাঁচ-সাতটি জিনিস একসাথে ঘটছে এবং এই কারণেই এই লোকেদের প্রথম হার্ট অ্যাটাক হয় এবং এটি দূর থেকে সনাক্ত করা যায় না। মনে হয় তাদের জীবন এত ভালো কিন্তু ভেতরে ভেতরে তারা সব সময় চাপের মধ্যে থাকে। তরুণদের হার্ট অ্যাটাক হওয়ার আরেকটি বড় কারণ হল জেনেটিক প্রবণতা। তার পরিবারের পক্ষ থেকে এর মানে কি? তার কোলেস্টেরল খুব বেশি যার মানে তার খাবারে কোলেস্টেরল আসছে না। আসছে না. একে বলা হয় ফ্যামিলিয়াল হাইপারকোলেস্টেরোলেমিয়া বা হাইপারটেনশন। এর মধ্যে যা হয় তা হল আপনার লিভার কোলেস্টেরলকে দ্বিগুণ করে দিচ্ছে এবং এমন লোকেদের মধ্যে দেখা গেছে যে ভারতে প্রায় 7% লোক রয়েছে যাদের উভয়ই জেনেটিকালি উচ্চ এবং যদি এটি বেশি হয় তবে আমাদের এটি নিয়ন্ত্রণ করতে হবে। তাই যে কোনো যুবক যার লাইফস্টাইল খারাপ, তাকে অবশ্যই জানাবেন। আপনার লিপিড প্রোফাইল সম্পন্ন করুন. বিশেষ করে তাদের পরিবারের কেউ যদি হার্টের রোগী হয়, চাচার দিক থেকে, মায়ের দিক থেকে বা তাৎক্ষণিক কাজিন থেকে কেউ যদি হার্ট অ্যাটাক বা হার্টের রোগে আক্রান্ত হয়ে থাকে, তবে তার জিনগত হওয়ার সম্ভাবনা রয়েছে। বন্ধুরা, আজ আমি এখানেই থেমে যাচ্ছি কিন্তু কোনো কারণ ছাড়াই এই রোগ হয় না। আমাদের জানা উচিত অসুস্থতার কারণ এবং এর জন্য কী ব্যবস্থা করা উচিত। আজ ভারতে আমরা প্রতিটি মানুষের কাছে শিক্ষা নিয়ে যাওয়ার জন্য একটি আন্দোলন চালাচ্ছি।এবং ভারতে যাতে কোনও হৃদরোগ না হয় তা নিশ্চিত করার জন্য সম্পূর্ণ ব্যবস্থা করুন। আমরা এটি 800 জেলায় ছড়িয়ে দেওয়ার চিন্তা করছি। সব জায়গায় গিয়ে মানুষকে বোঝাতে হবে। রোগের কারণ হল এটা একটা স্ব-সৃষ্ট রোগ, এটা ঈশ্বরের সৃষ্টি নয়। আমরা নিজেরাই আমাদের জীবনযাত্রাকে নষ্ট করে রোগ সৃষ্টি করছি। আর আজকে একটা বড় অসুখ দেখা দিয়েছে এবং সবাই ভয় পায় কারণ হার্ট অ্যাটাক হয় সতর্কতা ছাড়াই, তাই বন্ধুরা, আমি আজ এখানেই থামব। আমার নাম ডাঃ বিমল ছজেদ। আপনি জানেন যে আমরা মানুষকে হাট সম্পর্কে শিক্ষিত করি এবং আমাদের ভারত জুড়ে প্রায় 117টি কেন্দ্র রয়েছে যেখানে আমরা বাইপাস বা এনজিও ছাড়াই হাট রোগীদের প্লাস্টিক চিকিত্সা প্রদান করি। তোমাকে অনেক ধন্যবাদ.


Disclaimer: While we strive to deliver the most accurate and reliable translations possible, the nature of language translation can result in occasional mistakes. We do not guarantee the completeness or correctness of the translated material and cannot be held liable for any consequences arising from its use. Therefore, it is recommended that you should watch the original video posted on SAAOL Heart Center’s official youtube channel and subscribe to that. The link is available here.

जड़ से ख़तम हो सकती है एसिडिटी और गैस की समस्या बस करने होंगे ये 5 काम।

दोस्तों एसिडिटी की प्रॉब्लम यूनिवर्सल है, इसको ऐसी क्या बोल सकते हैं? एसिड पेप्टिक डिज़ीज़ बोल सकते हैं सिम्पली गैस भी बोलते हैं लोग इसमें होता क्या है? कॉमन प्रॉब्लम में हर के पास स्पेशल ली जिन लोगों की रेग्युलर फूड हैबिट से तेल ही ज्यादा खाते हैं फ्राइड ज्यादा खाते हैं, इसमें होता क्या मालूम है? हमारे स्टोमक में एसिड होती है, हाइड्रोक्लोरिक एसिड से निकलती है और यह एसिडिटी जब एसिड बढ़ जाती है और स्टोर माँ के बॉल को खाने लग जाता है। स्टॉर्म के बॉल में एक लेयर होता है जीसको बोलते हैं म्यूकस वो एसिडिटी को बचा देता है। स्टमक की वॉल को एसिड से बर्न कर दें पर अगर एसिड ज्यादा हो जाये तो को खाने लगता है और वह जब ज्यादा होने लगती है तो फिर ज्यादा वहाँ पे एक अल्सर होने का चान्सेस है और बहुत सारे ऐसिडीटी होती है, खट्टा डकार आता है, ऐसी खट्टा होता है। आपको मालूम होना चाहिए एनी वे क्या कारण होती हैं एसिडिटी का पहले ये सोचते है एक तो इरेग्युलर फूड हैबिट्स कभी खा रहे सुबह कभी दोपहर कोई भी टाइम नहीं है। अच्छा ये रैट इक मील टाइमइंग के साथ साथ बहुत सारा कभी ज्यादा खा लिया, कभी कम खा लिया। अच्छा स्ट्रेस ऐंगज़ाइइटी भी बहुत बड़ा कारण है। अच्छा स्पा, इसी फ्राइड और जंक फूड, ये तीनों ही हम लोग को बहुत एसिडिटी बनाता है और कैफीन मतलब जितना चाय, कॉफी ये ज्यादा पीएंगे उससे भी होगा।

 
फिजिकल इनऐक्टिविटी ऐक्टिविटी नहीं करेंगे, तब भी होती है और अगर खाना खाके इमीडिएट सोने जाएंगे, उससे होती है, स्मोकिंग से होती है, अल्कोहल से होती है। अब इसमें करना क्या है? हाँ डिस्टर्ब स्लीपिंग पैटर्न कभी आप सुबह सो रहे हैं, कभी शाम को सो रहे हैं अच्छा उसके संग मोटापा एजिंग फास्टिंग से भी कभी कभी होती है तो अब ये सोचते करना क्या है? यह एसिडिटी के कारण है, एसिडिटी होता है। यह सब समझाए कि करना क्या है? पहला काम है तुलसी का पत्ता। चार पांच चीजें आपको बताने वाला हूँ तुलसी का पत्ता क्या करता है, मालूम है? इसमें होती है और प्रॉपर्टीज़ होती है। ये गैस्ट्रिक एसिड सिक्रीशन को कम करता है और डाइजेस्टिव सिस्टम को स्टिम्युलेट करता है जिससे म्यूकस ज्यादा आती है। तो ये तुलसी का पत्ता बहुत काम का चीज़ है। अदरक अदरक में भी ऐन्टी इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टी है और यह स्टॉर्म के एसिडिटी को कम करता है। इसोफेगस सबको एसिडिटी से बचाता है तो एक ग्लास अगर आप जिंजर का चाय या जिंजर की जूस पीते है थोड़ा सा एक दो चम्मच पानी में मिलाके तो ये बहुत काम का काम करता है। अच्छा ठंडा दूध भी एसिडिटी में काफी काम करती है। स्पेशलिस्ट इनको हाइपर एसिडिटी होती हैं। उनको हम बोलते आप दूध ले लो ठंडा और वो ठंडापन भी होगा और उसमें वो एसिड को न्यूट्रिलाइज करने की ताकत भी होती है। तो अगर आपको कभी बर्निंग हो रहा है, जलन हो रहा है, हर बंद हो रहा है तो आप दूध ट्राई कर सकते हैं पर दूध फैट फ्री हो तो अच्छा है।
 
पुदीना का पानी पुदीना का पत्ता ये दोनों ही बहुत अच्छा माना जाता है। इसको कूलैंट माना जाता है। मतलब गैस को निकालने का। इसके पास कपैसिटी होती है और यह अब नॉमिनल क्राइम को खत्म करता है, गैस को ठीक करता है, डाइजेशन को भी बढ़ाया जाता है। तो ये आप जरूर ले। अच्छा जीरा भी एक ऐसी चीज़ है जो आपको बहुत फायदा करता है। आयुर्वेद में जीरा को यूज़ किया जाता है। जब भी कोई डाइजेस्टिव प्रॉब्लम के लिए सिरप वगैरह दिया जाता है, जीरा का जरूर यूज़ किया जाता है। जीरा क्या करता है? हमारे सलाइवा को सीक्रेट करता है तो उस से डाइजेशन बहुत जल्दी हो जाती है और एसिड को भी न्यूट्रलाइज करता है तो ये जीरा को भी आप ले सकते हैं। इससे भी अल्सर रेलिंग होती है तो सिंपल आप हर्बल टी एक बना सकते हैं जिसमें दोनों तीनो चारो चीजों जिसमें आप वो दीना का पत्ता ले लीजिये, पानी ले लीजिए, थोड़ा अदरक ले लीजिये, तीन, चार और थोड़ा सा हानि भी ले सकते है। इसको पानी में घोल के एक सिरप बना लीजिए। एक चाय बना लीजिए इसको हर दिन आप पीते हैं तो यह बहुत बढ़िया काम करता है। तो प्लीज़ इस तरह के मिक्सचर आप बना के रखिये और इसको आप अगर यूज़ करेंगे तो यह एसिडिटी को ठीक रखता है और यह खाना खाने के बाद लेना है। याद रखियेगा उससे आपको एसिडिटी से काफी राहत मिलेगा। तो दोस्तों मैंने आपको ये सारी बताई हैं। एसिडिटी इतनी कॉमन प्रॉब्लम है इसको सॉल्व करना बहुत ज़रूरी है तो प्लीज़ असिडिटी का ध्यान रखें और यह विडिओ आप बहुत सारे लोगों को सर्कुलेट करिए। क्योंकि एसिडिटी की प्रॉब्लम हर के पास है और यह हर आदमी को जानकारी होनी चाहिए। मेरा नाम डॉक्टर विमल झाहार्ट का ट्रीटमेंट करते हैं। हम लोग पूरे इंडिया भर में हमारे 118 सेंटर है। जहा पे हम हार्ट की पेशेंट को बिना सर्जरी बिनाइन जो प्लास्टिक ट्रीट करते हैं तो कभी भी कोई हार्ड का पेंशन मिले। उनको हमारी विडीओ जरूर रिकमेंड कीजिये। मेरा एक मोस्ट पॉपुलर लेक्चर, जिसका 70,00,000 लोगों ने देखा हुआ एक घंटा 14 मिनट के वीडियो उसको जरूर देखने के लिए रिकमेंड करियेगा और हमारी ज़ीरो एल कुकिंग के चैनल है, जिसमें हजारों आइटम हम लोग बिना तेल का बनाना सीखा रहे हैं। उसको जरूर देखिएगा, थैंक यू सो मच।

03/11/2023 

অ্যাসিডিটি এবং গ্যাসের সমস্যা সম্পূর্ণভাবে দূর করা যায়, আপনাকে এই 5টি কাজ করতে হবে 

বন্ধুরা, অ্যাসিডিটির সমস্যা সর্বজনীন, একে আমরা কী বলব?  অ্যাসিড পেপটিক রোগকে সহজভাবে গ্যাস বলা যেতে পারে।লোকে এটাকে সহজভাবে গ্যাসও বলে।এতে কী হয়?  যাদের নিয়মিত খাদ্যাভ্যাস বিশেষ তাদের সাধারণ সমস্যা কী জানেন?  আমাদের পাকস্থলীতে অ্যাসিড থাকে যা হাইড্রোক্লোরিক অ্যাসিড থেকে বের হয় এবং এই অ্যাসিডিটি বেড়ে গেলে পেট মায়ের বল খেতে শুরু করে।  ঝড়ের বলটিতে একটি স্তর থাকে যাকে শ্লেষ্মা বলা হয়, এটি এতই টক যে এটি অম্লতার কারণে টক বেলচিং সৃষ্টি করে।  জেনে নিন অ্যাসিডিটির কারণগুলো কি।প্রথমে তারা মনে করেন একটি হচ্ছে অনিয়মিত খাদ্যাভ্যাস, মাঝে মাঝে সকালে ও বিকেলে খাওয়া এবং অন্য কোনো সময় নেই।  ঠিক আছে, আপনি কি কখনও কম খেয়েছেন?  ঠিক আছে, মানসিক চাপ এবং উদ্বেগও একটি বড় কারণ।  ভাল স্পা, ভাজা খাবার এবং জাঙ্ক ফুড, এই তিনটিই আমাদের খুব অ্যাসিডিক করে তোলে এবং ক্যাফেইন মানে আমরা যত বেশি চা এবং কফি পান করি, তত বেশি পান করি।

শারীরিক নিষ্ক্রিয়তা ঘটে এমনকি আপনি যদি কোনো কার্যকলাপ না করেন এবং আপনি যদি খাবার খাওয়ার পরপরই ঘুমাতে যান, এটি তার কারণে হয়, এটি ধূমপানের কারণে হয়, এটি অ্যালকোহলের কারণে ঘটে।  এখন এতে কি করবেন?  হ্যাঁ, বিঘ্নিত ঘুমের ধরণ, কখনও আপনি সকালে ঘুমাচ্ছেন, কখনও আপনি সন্ধ্যায় ঘুমাচ্ছেন, ভাল তার সাথে, বার্ধক্যজনিত কারণেও স্থূলতা হয় এবং কখনও কখনও রোজা থাকে, তাই এখন এই নিয়ে ভাবার কী আছে?  এসিডিটির কারণে এসিডিটি হয়।  কি করা প্রয়োজন হিসাবে এই সব ব্যাখ্যা?  প্রথম জিনিস হল তুলসী পাতা।  আমি আপনাকে চার-পাঁচটি জিনিস বলতে যাচ্ছি, আপনি কি জানেন তুলসী পাতা কী করে?  এটির আরও বৈশিষ্ট্য রয়েছে।  এটি গ্যাস্ট্রিক অ্যাসিড নিঃসরণ হ্রাস করে এবং পাচনতন্ত্রকে উদ্দীপিত করে, ফলে আরও শ্লেষ্মা হয়।  তাই এই তুলসী পাতা খুবই উপকারী।  আদা আদার এছাড়াও অ্যান্টি-ইনফ্লেমেটরি বৈশিষ্ট্য রয়েছে এবং এটি ঝড়ের অম্লতা কমায়।  খাদ্যনালী সবাইকে অ্যাসিডিটি থেকে রক্ষা করে, তাই আপনি যদি এক গ্লাস আদার চা বা আদার রস পান করেন, তার মধ্যে সামান্য বা দুই চা চামচ পানি মিশিয়ে পান করুন, তাহলে এটি খুবই উপকারী।  ভালো ঠান্ডা দুধ অ্যাসিডিটি কমাতেও সাহায্য করে।  বিশেষজ্ঞ: তাদের হাইপার অ্যাসিডিটি আছে।  আমরা তাদের বলি যে আপনি ঠান্ডা দুধ খান এবং এটি ঠান্ডা হবে এবং এটি অ্যাসিডকে নিরপেক্ষ করার ক্ষমতাও রাখে।  তাই, যদি কখনো জ্বালাপোড়া, জ্বালা বা কনজেশন অনুভব করেন তাহলে দুধ খেয়ে দেখতে পারেন তবে দুধ চর্বিমুক্ত হলে ভালো হয়।

পুদিনা জল, পুদিনা পাতা দুটোই খুব ভালো বলে মনে করা হয়।  এটি কুল্যান্ট হিসাবে বিবেচিত হয়।  গ্যাস অপসারণের উপায়।  এটির ক্ষমতা রয়েছে এবং এখন এটি নামমাত্র অপরাধ দূর করে, গ্যাস নিরাময় করে এবং হজমের উন্নতি করে।  তাই আপনাকে এটা নিতেই হবে।  ঠিক আছে, জিরাও এমন একটি জিনিস যা আপনাকে অনেক উপকার করে।  আয়ুর্বেদে জিরা ব্যবহার করা হয়।  যখনই হজমের সমস্যা হয়, জিরা অবশ্যই ব্যবহার করা হয়।  জিরা কি করে?  এটি আমাদের লালা নিঃসরণ করে তাই হজম খুব দ্রুত ঘটে এবং এটি অ্যাসিডকেও নিরপেক্ষ করে, তাই জিরা খান, জল খান, আদা খান, তিন বা চারটি খান এবং আপনিও কিছুটা ক্ষতি করতে পারেন।  পানিতে মিশিয়ে সিরাপ তৈরি করুন।  একটি চা বানিয়ে প্রতিদিন পান করুন, এটি খুব ভাল কাজ করে।  তাই দয়া করে এই ধরনের মিশ্রণ তৈরি করুন যার 1 ঘন্টা 14 মিনিটের ভিডিওটি 70 00 000 মানুষ দেখেছেন এবং অবশ্যই এটি দেখার জন্য সুপারিশ করবেন এবং আমাদের কাছে জিরো এল রান্নার একটি চ্যানেল রয়েছে যেখানে আমরা হাজার হাজার আইটেম তেল ছাড়া তৈরি করতে শিখিয়ে দিচ্ছি। .  এটা দেখতে হবে, অনেক ধন্যবাদ.

 

Disclaimer: While we strive to deliver the most accurate and reliable translations possible, the nature of language translation can result in occasional mistakes. We do not guarantee the completeness or correctness of the translated material and cannot be held liable for any consequences arising from its use. Therefore, it is recommended that you should watch the original video posted on SAAOL Heart Center’s official youtube channel and subscribe to that. The link is available here.

खून की कमी होने पर शरीर पहले ही दे देता है ये चेतावनी।

दोस्तों आज आपको बताऊँगा खून की कमी, थकान ये हमारा क्या नुकसान करता है और इसको हम लोग खून की कमी को अनेमिया बोलते हैं। इससे हमारी बॉडी में क्या होती है? जो रेट सेल बनती है वो कम हो जाती है और हमारे जो हीमोग्लोबिन एरेट सेल के अंदर हीमोग्लोबिन होता है, जो ऑक्सीजन के रूप में हेल्प करता है, उसके अमाउंट कम हो जाती है और इसी को ही अनेमिया बोला जाता है। क्या तकलीफ होती है? कमजोरी फील होती है, टाइअर्ड होता है, एक्सरसाइज नहीं कर पाते, कुछ लोगों को हेडेक होती है, कॉन्सन्ट्रेट नहीं कर पाती, इरीटेबल हो जाते हैं, भूख लगना कम हो जाता है।

और हाथ पैर में नमूने सोता है, कोई झुनझुनी होती है। पेल स्किन मतलब स्किन रेडियस 7000 जाता है। स्किन का कलर फीका पड़ने लग जाता है तो ये सब सिम्पटम्स हो तो आप समझ लीजिये एनीमिया है अब एनीमिया का कारण क्या क्या है? तीन मेजर चीजें, एक विटामिन बी 12 की डिफिशिएंसी वो हम लोग कहाँ से पूरा कर सकते हैं? योगहर्ट या दूध में हम लोग को विटामिन बी 12 मिल जाती प्लस बहुत सारे फ्रूट्स और जो ग्रीन वेजीटेबल है उसमें भी चल मिल जाती है। एक होती है फोलिक एसिड की कमी। फोलिक एसिड कहाँ पे मिलता है? फोलिक एसिड मिलती है। डार्क ग्रीन वेजिटेबल्स में जो भी जैसे पालक है या पालक के तरह ग्रीन कलर का पत्ते वाली सब्जियां है और ब्रोकली स्प्राउट्स है, इनमें बहुत सारे एसिड होती है। बीन्स, फ्रेश फ्रूट्स जूसेस में भी फोलिक एसिड होती है। अब तीसरी जो चीज़ है वह है, आइरन की डेफिशियेंसी है, सबसे कम है, आइरन की कमी होना हमारे अंदर बहुत होते है और आइरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता विटामिन सी तो यह विटामिन सी भी आपको लेना चाहिए जिससे आइरन की कमी ना हो। अच्छा आइरन की कमी हो तो आप क्या क्या खा सकते हैं? अगर आइरन की कमी हो तो आपको एक बात बता दू बहुत सारे विटामिन सी तो लेना ही है। वो एब्जॉर्प्शन में मदद करता है पर आइरन कहाँ कहाँ होता है वो देख लीजिए। पालक में बहुत परिमाण में आयरन होता है तो वेजिटेरियन के लिए आइरन का सोर्स पालक से आ सकती है और इसमें 2.7 मिलीग्राम आयरन होता और इसमें विटामिन सी अगर ऐड हो जाये तो बहुत अच्छा हो जाता है। अगर टमाटर के संचालक को करते हैं तो उसमें और ज्यादा बॉडी में आयरन पहुँचेंगे। अच्छा होल ग्रेन जो सबूत ग्रेन होती है इसमें आइरन बहुत होती है। इसके छिलके में आइरन होती है। तो आप कोई भी तरह के सबूत, ग्रेन जैसे आटा हो, ओट्स हो, ब्राउन राइस हो, कीनुआ हो, कोई भी लेंगे। ओट्स में मालूम है 4.7 मिलीग्राम वीट में 3.9 मिलीग्राम इतने आइरन होती है तो आपको ये आइरन का सोर्स वही से मिल जाएगा और कहाँ कहाँ अदर थिंग सहाइ र नगर कम पड़ेगा तो आपको हर जगह कमी पड़ेगी। अच्छा आइरन ड्राई फ्रूट्स में होती है। मुनक्का, खजूर रेज़िन्ज़ अगर आपको डाइअबीटीज़ नहीं है तो ड्राई फ्रूट्स लेंगे। उसमें भी बहुत आइरन होती है। और कहाँ कहाँ होती है? अनार में आयरन होती है और जो शिमला मिर्च होती है, लाल वाली उनमें होती है। सरसों के साग में, मेथी के साग में बीट रूप में, ओरेन्ज में पोटैटो ब्रोकली सोयाबीन वोट के नोवा जग्गी गुड में भी आइरन होती है। तो आप तांबे के बर्तन में अगर पानी पीते है उसमें तांबा भी जाता है। वह भी आइरन को बढ़ाने में मदद करता है। अनीमिया को सॉल्व करने का मदद करता है तो दोस्तों अनेमिया बहुत कॉमन है। इंडिया में तो भरे हुए एनीमिया के लोग हैं। बिकॉज़ खाने में आइरन कम जाता है तो खून बनता नहीं है, विटामिन्स कम जाती है तो खून नहीं बनती है, फोलिक एसिड कम जाती है तो खून नहीं बनते तो अगर खून बनाना चाहते हैं तो जीतते जीतते चीज़ हमने बताया उसको जरूर लें।



और कब पता चलेगा? अनीमिया पक्का है या नहीं है, आप खून को चेकअप कर रही है। नॉर्मल आदमी का हीमोग्लोबिन 131415 होता है। अगर आपका 10 से कम है तो आप पक्के एनिमा पेशेंट्स है और मैंने देखा है इंडियन लेडीज में तो भरे हुए अनीमा पेशंट है। स्पेशल ली रुरल पॉप्युलेशन में जो गांव में रहते हैं उनके अंदर आइरन की कमी बहुत होती हैं। आइरन की कमी का एक और खून में कमी होने का एक और रीज़न होता है। हमारे पेट में बहुत सारे जर्म्स हो जाना के वो जो कीड़े होते हैं वो हमारे आइरन को खा जाते हैं और उससे भी होती है। तो अगर आपको अनीमिया है तो स्टूल को जरूर चेक कराइये की उसमें ब्लड तो नहीं आ रहा है और अगर स्कूल में ब्लड आ रहा है उसका ट्रीटमेंट होना बहुत ज़रूरी है।
आइरन अगर हमारे बॉडी से लूज़ हो रहा है उससे भी खून में कमी हो जाती है तो इसको भी ध्यान रखिएगा। दोस्तों मैंने अनेमिया के बारे में आपको समझाया। जेनरल अनेमिया में आपको न्यूट्रिशन डिफिशिएंसी होती है, ब्लीडिंग की वजह से भी होता है। एक और रेर बिमारी होती है जीसको बोलते सिकल सेल एनीमिया उसमें भी आइरन कम होती है तो एनीवे दोस्तों अगर आइरन आपका कमी, हीमोग्लोबिन चेक कराइए और आइरन बढ़ाने वाले खाना खाये और अगर उसके बाद भी चाहते हैं तो आप आइरन की बाहर से सप्लिमेंट ले सकते हैं। दोस्तों मेरा नाम डॉक्टर विमल है, हार्ट का ट्रीटमेंट करते हैं हम लोग बिना बाईपास भी नाइन जो प्लास्टिक तो यह जो अनेमिया के बारे में हमने बताया ये मेरी हॉबी है कि कुछ ना कुछ हेल्थ के बारे में आपको इन्फॉर्मेशन देते रहे।
तो इस इन्फॉर्मेशन को आप जरूर लोगों से साझा करें। लोगों को फॉर्वर्ड करिए और हीमोग्लोबिन कम हो तो हमारी बॉडी में वीकनेस बहुत आ जाती है, कमजोरी आ जाती है, इसको ना होने दे।

02/11/2023 

ক্তের অভাব হলে শরীর আগে থেকেই এই সতর্কতা দেয়

 

 বন্ধুরা, আজ আমি আপনাদের বলব রক্তের অভাব এবং ক্লান্তি আমাদের কী কী ক্ষতি করে এবং আমরা একে রক্তশূন্যতা বলি।  এটা আমাদের শরীরে কী করে?  যে হারে কোষ তৈরি হয় তা হ্রাস পায় এবং আমাদের হিমোগ্লোবিনের পরিমাণ যা অক্সিজেন আকারে সাহায্য করে তা হ্রাস পায় এবং একে অ্যানিমিয়া বলে।  উগ?  দুর্বল, ক্লান্ত, ব্যায়াম করতে অক্ষম, কিছু লোকের মাথাব্যথা হয়, মনোযোগ দিতে অক্ষম, খিটখিটে হয়ে যায়, ক্ষুধা কমে যায়।

এবং নমুনাগুলি ঘুমায় এবং হাতে পায়ে কোন টিংলিং নেই।  ফ্যাকাশে ত্বক মানে ত্বকের ব্যাসার্ধ 7000 ছুঁয়েছে।  ত্বকের রং ফর্সা হতে শুরু করলে এই সব উপসর্গ দেখা দিলে বুঝতে হবে এটা রক্তস্বল্পতা।এখন রক্তশূন্যতার কারণ কী?  ভিটামিন বি 12 এর ঘাটতি কোথায় আমরা পূরণ করতে পারি?  আমরা দই বা দুধে ভিটামিন B12 পাই, এছাড়াও অনেক ফল এবং সবুজ শাকসবজিতেও প্রচুর অ্যাসিড থাকে।  মটরশুটি, তাজা ফল এবং জুসেও ফলিক অ্যাসিড থাকে।  এখন তৃতীয় বিষয় হল আয়রনের ঘাটতি।আয়রনের ঘাটতি সবচেয়ে কম,আমাদের মধ্যে এটি প্রচুর আছে এবং ভিটামিন সি আয়রন শোষণে সাহায্য করে,তাই আপনারও এই ভিটামিন সি গ্রহণ করা উচিত যাতে আয়রনের ঘাটতি না হয়।  আচ্ছা, আয়রনের ঘাটতি হলে কী খেতে পারেন?  আয়রনের ঘাটতি থাকলে একটা কথা বলি, আপনাকে প্রচুর ভিটামিন সি খেতে হবে।  এটি শোষণে সাহায্য করে কিন্তু আয়রন কোথায় পাওয়া যায়?যেকোনো শস্য যেমন ময়দা, ওটস, ব্রাউন রাইস, কুইনোয়া বা অন্য যে কোনো শস্য নিন।  এটা জানা যায় যে ওটসে 4.7 মিলিগ্রাম আয়রন এবং গমে 3.9 মিলিগ্রাম আয়রন থাকে, তাই আপনি কেবল সেখান থেকেই আয়রনের এই উত্স পাবেন এবং অন্য জিনিসগুলি কোথায় কম হবে, তাহলে আপনার কাছে খেজুরের রজন থাকবে, যদি আপনার কাছে না থাকে। ডায়াবেটিস হলে শুকিয়ে যাবে।  এতে প্রচুর আয়রনও রয়েছে।  এটা আর কোথায় ঘটে?  ডালিমের মধ্যে রয়েছে আয়রন এবং লাল ক্যাপসিকামে রয়েছে আয়রন।  সরিষা, মেথি শাক, বিটরুট, আলু, ব্রকলি, সয়াবিন, ভোটের নোভা জাগ্গি এবং গুড়েও রয়েছে আয়রন।  তাই তামার পাত্র থেকে পানি পান করলে তাতেও তামা যায়।  এটি আয়রন বাড়াতেও সাহায্য করে।  ভিটামিন কমে গেলে রক্ত তৈরি হয় না।ফলিক অ্যাসিড কমে গেলে রক্ত তৈরি হয় না।তাই আপনি যদি রক্ত তৈরি করতে চান তাহলে অবশ্যই আগে যেগুলো বলেছি সেগুলো গ্রহণ করুন।

আর আমরা কবে জানব?  অ্যানিমিয়া আছে কি না তা নিশ্চিত করতে আপনি আপনার রক্ত পরীক্ষা করছেন।  একজন সাধারণ মানুষের হিমোগ্লোবিন 131415।  যদি আপনার বয়স 10 এর কম হয় তবে আপনি একজন নিশ্চিত এনিমা রোগী এবং আমি দেখেছি যে ভারতীয় মহিলাদের মধ্যে সম্পূর্ণ এনিমা রোগীও রক্তপাতের কারণে হয়।  আরেকটি বিরল রোগ আছে যাকে বলা হয় সিকেল সেল অ্যানিমিয়া।এতেও আয়রনের পরিমাণ কম থাকে।তাহলে বন্ধুরা, আপনার আয়রনের ঘাটতি থাকলে হিমোগ্লোবিন পরীক্ষা করে নিন এবং আয়রন বাড়ানোর খাবার খান এবং তার পরেও আপনি চাইলে খেতে পারেন। বাইরে থেকে আয়রন সাপ্লিমেন্ট।  বন্ধুরা, আমার নাম ডাঃ বিমল। আমরা বাইপাস না করেও হার্টের চিকিৎসা করি। রক্তস্বল্পতা সম্পর্কে আমরা যা বলেছি তা হল আমার শখ আপনাদের স্বাস্থ্য সম্পর্কে কিছু তথ্য দিয়ে রাখি।তাই আপনারা অবশ্যই এই তথ্যটি মানুষের সাথে শেয়ার করবেন।  ফরোয়ার্ড করে মানুষ দুর্বল হয়ে যায়, এমনটা যেন না হয়।

 

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